बांदा जिले में महिला को जलाकर हत्या करने के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश बब्बू सांरग की अदालत ने मृतका की जेठानी को आजीवन कारावास की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हत्या के इस मामले का फैसला सात साल बाद आया।
डीजीसी क्रिमिनल विजय बहादुर सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के फूटा कुआं मोहल्ले की रहने वाली चित्रा देवी पत्नी दिनेश कुमार को उसकी जेठानी गीता देवी उर्फ नीता ने पांच जनवरी 2017 को जलाकर घायल कर दिया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस संबंध में मृतका के पिता की तहरीर पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के साक्ष्यों के आधार पर विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी गीता देवी उर्फ नीता पत्नी मनीष कुमार को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है। प्रभावी पैरवी में कोर्ट मोहर्रिर भानू प्रताप, पैरोकार दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।