चित्रकूट। सिंचाई के लिए पाइप लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद किसान की हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर जिला जज ने दो हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मनोहरगंज सीतापुर निवासी उग्रसेन मौर्य ने 14 जून 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उग्रसेन ने कहा था कि उसके पिता सूरजपाल रात में घर से खाना खाने के बाद खेत की रखवाली के लिए गए थे। वह खेत में चारपाई में सो रहे थे।
सुबह खेत जाने पर देखा कि किसी ने धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी थी। उग्रसेन के अनुसार खेत में सिंचाई के लिए पाइप लगाने को लेकर भैयालाल मौर्य से उनका विवाद हुआ था। पुलिस ने तहरीर के अनुसार इस मामले में भैयालाल, चुन्नू, जुगल किशोर, दादूराम मौर्य, बब्बू , इंद्रपाल ू, कमलेश , ज्वाला के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया था।
विवेचना के बाद इस मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों में से ज्वाला के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। साथ ही विवेचना में प्रकाश में आने पर एक अन्य आरोपी पवन को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने हत्या का दोष सिद्ध होने पर आरोपी पवन कुमार मौर्या और ज्वाला प्रसाद को आजीवन कारावास की सजा के साथ दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।