बांदा। नए कानूनों के विरोध में वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उधर, प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष को भी ज्ञापन भेजकर सहयोग की अपील की।
बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित के नेतृत्व में सैकड़ों वकीलों ने कचहरी परिसर में सरकार के तीन नए कानूनों के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। कहा कि भारतीय दंड संहिता के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व साक्ष्य विधि के स्थान पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम पहली जुलाई से लागू किए जा रहे हैं, जो बर्दाश्त नहीं है। सिर्फ नाम बदलकर व उलटफेर कर महज न्याय प्रक्रिया को जटिल बनाकर लोगों को भ्रमित करने का काम किया गया है। लिहाजा पुनर्विचार करते हुए इसके मिटाए गए स्वरूपों को व्यवस्थित कर लागू किया जाए। अन्यथा देश व्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
पूर्व बार संघ अध्यक्ष शंकर सिंह ने कहा कि नए कानूनों को लेकर लड़ाई आरपार की होगी चाहे दिल्ली घेरना पड़े। इसके साथ ही वकीलों ने मंगलवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। प्रमुख विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा, टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी, आल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन को ज्ञापन भेजकर सहयोग की अपील की।
प्रदर्शनकारियों में महामंत्री राम प्रकाश शिवहरे, पूर्व बार संघ अध्यक्ष शंकर सिंह, अशोक त्रिपाठी जीतू, राजेश दुबे, राम मिलन, सीमा खान, रामलखन, पूर्व बार संघ अध्यक्ष रामस्वरूप सिंह, अवधेश गुप्ता, जागेशवर यादव, ओम प्रकाश, एजाज खां सहित उमाशंकर, कालका, भूपत बाबू भी शामिल रहे।