बांदा। आर्यावर्त बैंक की गड़रिया शाखा से बैंक मित्र और कर्मचारियों की मिलीभगत से खाताधारकों के करीब 17 लाख रुपये निकाल लिए। कुछ लोगों ने खाते में जमा राशि की जानकारी ली तो घटना का खुलासा हुआ। इस पर खाताधारकों ने बैंक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
जल शक्ति राज्यमंत्री के दखल पर जसपुरा थानाध्यक्ष को मामले की जांच सौंपी गई है। खाताधारकों का आरोप है कि बैंक मित्र और कैशियर ने साठगांठ कर उनके खातों से पैसा निकाला है। आर्यावर्त बैंक शाखाओं में एक बार फिर खाताधारकों को ठगी का शिकार होना पड़ा। करीब एक वर्ष पहले पपरेंदा शाखा में लगभग 150 खाताधारकों के 40 लाख रुपये निकल गए थे। तब इसमें बैंक मित्र पर सारा ठीकरा फोड़ा गया था।
अब एक बार फिर जसपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत गड़रिया में संचालित आर्यावर्त बैंक शाखा में खाताधारकों के खाते से लाखों रुपये निकल गए। 10 जून को खाताधारकों में से कुछ ने जमाराशि की जानकारी ली घटना का खुलासा हुआ। गड़रिया गांव निवासी अजय निषाद ने बताया कि पत्नी संगीता का आर्यावर्त बैंक में खाता है। खाता चेक कराया तो पता चला कि फर्जीवाड़ा करते हुए उसके खाते से दस हजार रुपये निकाले गए हैं। इसी तरह सुमित्रा के खाते से 11 हजार रुपये और राधा के खाते से भी 11 हजार रुपये निकाले गए और उन्हें पता ही नहीं चला।
जानकारी होने पर ठगी का शिकार हुए खाताधारकों ने बैंक के सामने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस तथा बैंक मैनेजर से शिकायत की। खाताधारकों ने स्थानीय विधायक व जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद से भी मिलकर पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई। खाताधारकों का कहना है कि इसमें ज्यादातर पेंशन धारक हैं। इसके अलावा सम्मान निधि, मनरेगा मजदूरी का भी पैसा नहीं छोड़ा गया।
आरोप है कि करीब 300 खाताधारकों के खाते से लगभग साढ़े 17 लाख रुपये पार किए गए हैं। राज्यमंत्री के निर्देश पर जसपुरा थानाध्यक्ष को तत्काल जांच व कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में बैंक के शाखा प्रबंधक रामराज मीणा से बातचीत करने का प्रयास किया गया, पर उनका फोन नहीं उठा।
वर्जन
-मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान बैंक मैनेजर रामराज मीणा से अभिलेख मांगकर देखे जा रहे हैं। जांच के बाद जो भी जानकारी आएगी, उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।-वीरेंद्र त्रिपाठी, उप निरीक्षक, जसपुरा थाना।