बांदा। तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया है। धान को छोड़कर अन्य फसलें खराब होने लगी हैं। शुक्रवार की शाम 70 मिली मीटर (एमएम) बारिश दर्ज की गई। अक्तूबर माह में अब तक 183 मिली मीटर बारिश हुई।
चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष 4,16,859 हेक्टेअर में तिल, बाजरा, मूंग, उड़द सहित धान की फसल की गई है। फसलें खेतों में तैयार खड़ी हैं, लेकिन तीन दिनों से तेज व रिमझिम बारिश से किसानों उम्मीदों में पानी फिर गया। शुक्रवार की शाम भी झमाझम बारिश हुई।
खेतों में पानी भर जाने से फसलें खराब होने लगी। मवई के किसान रामसंजीवन का कहना है कि उसने 10 बीधे में तिल की बुआई की थी। कटाई भी शुरू हो गई थी, लेकिन बारिश ने सब बिगाड़ दिया। खेत में पानी भर जाने से फसल सड़ रही है।
बिलगांव के किसान सुरेश का कहना है कि 20 बीघे की तिल, मूंग और उड़द की फसल खराब हो गई है। खेतों में पानी भरा है। लागत भी निकलना मुश्किल दिख रहा है।
उधर, रबी की बुआई पर भी असर पड़ा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि जल भराव वाले खेतों को छोड़कर शेष में बारिश से कोई खास नुकसान नहीं है।
आसमान खुलने से खेतों में भरा पानी जल्द सूख जाएगा। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि दो दिन आसमान में बादल छाये रहेंगे और बारिश भी होगी।