बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में हो रही मूसलाधार बारिश से बुंदेलखंड के दो महत्वपूर्ण बांध गंगऊ और बरियारपुर उफना गए हैं। बरियारपुर से चार लाख 61 हजार 551 क्यूसेक पानी क्रस्टवाल से केन नदी में गिर रहा है। उधर, बरियारपुर के ऊपरी इलाके में बने गंगऊ बांध से चार लाख 15 हजार क्यूसेक पानी उफनाकर केन नदी में गिर रहा है।
इस कारण केन नदी में बाढ़ आ गई है। नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर जा पहुंची है। अभी इसमें बढ़ोत्तरी का अनुमान है। नदी किनारे आबाद बांदा और हमीरपुर जिलों के गांवों में अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। प्रशासन का अमला बाढ़ क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्यों की कवायद में जुटा हुआ है।
सीमावर्ती मध्य प्रदेश में सप्ताह भर से हो रही झमाझम बारिश के कारण जनपद में केन और यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं। केन नदी में रविवार को रात करीब साढ़े चार लाख क्यूसिक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे रातोंरात केन उफना गई। वहीं चिल्ला में यमुना नदी सोमवार दोपहर दो बजे 93.30 मीटर पर पहुंच गई। जबकि रविवार को यह 87.26 मीटर पर थी। इसका जल स्तर प्रति घंटे 25 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। जबकि केन नदी हर घंटे करीब 20 सेंटीमीटर बढ़ रही है। केन के बढ़ने से सदर तहसील में अछरौड़, दर्दा, कनवारा सहित गांवों के रास्ते बंद हो गए। वहीं पैलानी क्षेत्र में शंकरपुरवा, नांदादेव पड़ोहरा के साथ सिंधनकला के मजरा हरबंस पुरवा,पंडवन डेरा, सिंधन खुर्द, गुरगवां, बसधरी ,लसड़ा, अदरी सहित खप्टिहाकलां के मजरा शिवपाल डेरा, छनिहन डेरा, सिमरन डेरा, बरेहटा ,गौरीकला, अमारा तथा तारा खजूरी (चिल्ला) में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यहां के ग्रामीणों की नींद उड़ी है। वह बाढ़ से बचने के लिए अपना डेरा (गृहस्थी) लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पहुंच रहे हैं। तुर्रा नाला में रपटा के ऊपर पानी पहुंचने से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। अमारा रपटा में भी पानी पहुंच रहा है, पर अभी आवागमन बंद नहीं हुआ।
डीएम ने देखे बाढ़ प्रभावित गांवों के हालात
पैलानी। डीएम नगेंद्र प्रताप ने पैलानी क्षेत्र में बाढ़ को लेकर तहसील सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा भी किया। सिंधनकला-पैलानी डेरा संपर्क मार्ग में बने तुर्री नाला में केन नदी के बाढ़ का पानी ऊपर आने की जानकारी पर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नाव में मानक के अनुसार सवारियां ले जाएं। लाइफ जैकेट पहनकर ही नाव से आवागमन करें। एसडीएम पैलानी शशिभूषण भूषण मिश्रा से उन्होंने बाढ़ की जानकारी ली। डीएम ने बाढ़ प्रभावित गांव में खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कहा कि बाढ़ को लेकर सभी अधिकारी संजीदगी दिखाएं।लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल व सचिवों से गांव में ही रहने को कहा। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन, दवा व जरूरी सामान आदि की व्यवस्था की गई है। जहां-जहां रास्ता बंद हैं, वहां नाव चल रही हैं। इस दौरान सीडीओ वेद प्रकाश मौर्या, तहसीलदार विकास पांडेय, बीडीओ जसपुरा गरिमा अग्रवाल, थानाध्यक्ष पैलानी आनंद कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित गांवों में कराई मुनादी
पैलानी। सीओ सदर अजय कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव में मुनादी कर दी गई है, जिससे लोगों के जान माल की रक्षा की जा सके। गांवों में सभी को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।