बांदा। केन उफनाने के बाद अब सिमट गई। उधर, यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। मध्य प्रदेश स्थित गंगऊ और बरियारपुर वियर के इनकैचमेंट एरिया में बारिश कम होने से बांधों से केन में डिस्चार्ज होने वाले पानी में तीन लाख क्यूसिक की कमी आई है।
दो दिन तक उफान मारने के बाद केन नदी सिमट गई। इससे नदी किनारे आबाद गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। गांवों के संपर्क मार्गों में आवागमन शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार को केन नदी का जलस्तर 98.01 मीटर रिकार्ड किया गया है, जबकि दो दिन पहले जलस्तर 105 मीटर तक पहुंच गया था। रविवार की सुबह यमुना का जलस्तर घटा, लेकिन दो घंटे बाद पुन: बढ़ना शुरू हो गया। दो दिन में यमुना नदी का पानी करीब डेढ़ मीटर बढ़ा है। चिल्ला घाट में दो दिन पहले यमुना नदी का जलस्तर 92.92 मीटर था। सोमवार को इसका पैमाना 94.52 पर पहुंच गया है। यमुना का जलस्तर पढ़ने से पैलानी तहसील के करीब 12 गांव बाढ़ के नजदीक पहुंच गए है। यहां संपर्क मार्गों में पानी भर जाने से आवागमन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। जिला प्रशासन यमुना के जलस्तर पर बराबर नजर बनाए हुए है। एसडीएम पैलानी ने नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों को हर समय सावधान रहने के लिए कहा है। लेखपाल बाढ़ चौकियों में डेरा डाले हुए है।
उधर, सिंचाई विभाग के मुताबिक उधर, मध्य प्रदेश में स्थित गंगऊ व बरियारपुर वियर के इनकैचमेंट एरिया में बारिश कम होने से बांधों से केन में डिस्चार्ज होने वाले पानी में खासी कमी आई है। गंगऊ बांध से अब महज 61352 क्यूसिक व बरियारपुर वियर से 53532 क्यूसिक पानी केन नदी में डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि दो दिन पहले गंगऊ से 307478 व बरियापुर वियर से 324063 क्यूसिक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।