बांदा। पैगंबर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद (सल्ल.) की यौमे विलादत का जश्न पूरी शान ओ शौकत के साथ मनाया गया। शहर में जुलूस ए मोहम्मदी में 50 से ज्यादा मोहल्लावार कमेटियां शामिल हुई। आर्कषक मक्का-मदीना, मिसाइल, खान ए काबा की झांकियों के साथ जुलूस निकाला गया। यह अपने परंपरागत मार्गों से होकर ईदगाह रोड पर समाप्त हुआ। यहां देर रात सलाम पढ़ा गया।
शहर काजी मेराज मसूदी (अकील मियां) ने शेख सरवर साहब की मसजिद के बाहर से हरी झंडी दिखाकर जुलूस ए मोहम्मदी को रवाना किया गया। जुलूस में अलग-अलग मोहल्लावार कमेटियां शामिल हुईं। जुलूस में आर्कषक झांकियां लगाई गई थीं। घोड़ों में युवा इस्लामिक परचम लेकर निकले। झाकियां में तिरंगा का पूरा मान रहा। दुश्मन ताकतों को नेस्ताबूत करने वाली मिसाइल का प्रदर्शन किया गया। जुलूस अपने परंपरागत मार्ग से होकर गुजरा। जुलूस शेख सरवर साहब की मसजिद से शुरू होकर मर्दननाका, कुजरहटी मोहाल, मनोहरी गंज, सब्जी मंडी, छावनी रोड से होकर जामा मसजिद पहुंचा। यहां से जुलूस ईदगाह रोड पर समाप्त हुआ।
यहां शहर काजी अकील मियां ने सलाम पढ़ा। दुआ हुई। देर रात तक लोगों का मजमा रोशनी देखने के लिए मौजूद रहा। जुलूस को झंडी दिखाने में मरकजी कमेटी के सरपरस्त मुमताज अली, इमरान अली राजू, वहीद नेता, डॉ. सुएब, हाजी आरिफ, वाजिद अली, मकबूल अली, शब्बीर खान जुगनू , राशिद आतिशबाज, लल्लू समाजसेवी, हस्सान मसूुदी, बाबू खां आदि शामिल रहे। जुलूस के दौरान शहर कोतवाल पंकज सिंह आदि पूरी व्यवस्था में मौजूद रहे।
रोटी बैंक ने किया पानी का लंगर
बांदा। जुलूस के परंपरागत रास्ते अमर टाकीज चौराहे पर बांदा रोटी बैंक सोसाइटी की ओर से जुलूस में शामिल लोगों और रोशनी देखने आने वाले लोगों के लिए मुफ्त पानी वितरण का स्टाल लगाया गया। यहां अध्यक्ष रिजवान अली, सुनील सक्सेना, अलीमुद्दीन, शफीक कल्लू, पप्पू, शहान अली व महिला टीम की सदस्य मौजूद रहीं।