बांदा। सपा शासन में भर्ती किए गए चित्रकूटधाम मंडल के 17 पशुधन प्रसार अधिकारियों की नौकरी खतरे में है। मौजूदा प्रदेश सरकार उनकी सेवा समाप्त करने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि एसआईटी की जांच में अनियमितताएं उजागर होने पर प्रदेश सरकार कार्रवाई कर रही है।
प्रदेश में वर्ष 2012-14 में 1148 पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती हुई थी। इनमें चयनित 22 पशुधन प्रसार अधिकारी चित्रकूटधाम मंडल भेजे गए थे। इनमें 17 ने ज्वाइन कर लिया था। पांच किन्हीं कारणों से नहीं आए। योगी सरकार ने दिसंबर 2017 को पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती में अनियमितता की जानकारी होने पर मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी की रिपोर्ट में अनियमितता उजागर होने पर कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।
योगी सरकार अब गलत तरीके से चयनित पशुधन प्रसार अधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी कर रही है। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक चित्रकूटधाम मंडल रविंद्र सिंह राठौर ने कहना है कि गलत तरीके से भर्ती हुए अभ्यर्थियों की सेवा समाप्त करना सरकार का अपना फैसला है। यदि इनकी सेवाएं समाप्त हुईं तो मंडल में पशुधन प्रसार अधिकारियों की खासी कमी हो जाएगी।
खास बात यह है कि पशुधन प्रसार अधिकारियों की सेवा समाप्त हुई तो जनपद महोबा इन अधिकारियों से पूरी तरह खाली हो जाएगा। यहां पर स्वीकृत 13 पदों में सिर्फ दो तैनात हैं, वह भी सपा शासन में भर्ती हुए थे।
इनसेट
बांदा में स्वीकृत 22 पदों में सात तैनात हैं। इसमें पांच पशुधन प्रसार अधिकारी सपा शासनकाल के हैं। इसी तरह हमीरपुर में स्वीकृत 24 पदों में 14 पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं। इनमें छह सपा शासन काल में भर्ती किए गए थे। चित्रकूट में स्वीकृत 17 पदों में छह कार्यरत हैं। इनमें चार सपा शासनकाल के हैं। महोबा में स्वीकृत 13 पदों में दो पशुधन प्रसार अधिकारी हैं। दोनों सपा के कार्यकाल में भर्ती हुए थे। यानी मंडल में पशुधन प्रसार अधिकारियों के 76 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 30 पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं। इनमें 17 पशुधन प्रसार अधिकारी सपा शासन में भर्ती हुए थे।
योगी सरकार को लिखा पत्र
सपा शासनकाल में भर्ती पशुधन प्रसार अधिकारी खासे परेशान हैं। यहां के पशुधन प्रसार अधिकारी राममनोहर, सुंदर आदि ने योगी सरकार को पत्र भेजकर नौकरी से न हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती में अनियमितताएं अधिकारियों ने बरती है। इसकी सजा अभ्यर्थियों को नहीं मिलनी चाहिए। उन्हें हटाया गया तो परिवार बर्बाद हो जाएगा।