बांदा। नशा व्यक्ति की सोचने की क्षमता को खत्म कर देता है। इसी वजह से दो लोगों ने शराब के नशे के कारण जान दे दी। एक को शराब की वजह से परिजनों की डांट पड़ी तो उसने फंदा लगा लिया तो दूसरे ने परिजनों के निमंत्रण में चले जाने पर नाराज होकर शराब के नशे में जान दे दी।
देहात कोतवाली क्षेत्र के बरगहनी गांव निवासी संतराम सिंह (24) ने शुक्रवार रात 11 बजे घर के कमरे से रस्सी से पंखे से फंदा लगा लिया। बड़े भाई मान सिंह ने देखा तो परिजनों को जानकारी हुई। उसने बताया कि संतराम जेसीबी चलाता था।बीस दिन पहले फतेहपुर से काम कर गांव लौटा था। वह प्रतिदिन शराब पी रहा था, शुक्रवार रात शराब पीकर घर आया तो पिता ज्ञान सिंह ने डांट दिया। क्षुब्ध होकर उसने फंदा लगाकर जान दे दी। अविवाहित था। तीन भाइयों में छोटा था। मां यशोदा है। पिता के नाम 10 बीघा जमीन है।
वहीं बिसंडा थाना क्षेत्र के भूराने पुरवा मरौली गांव निवासी जगमोहन (30) ने शुक्रवार की दोपहर करीब तीन बजे कमरे में रस्सी से खपरैल की बल्ली से फंदा लगा लिया। पड़ोसी चाचा देवराज खाना के लिए पूछने गए तो वह कमरे में लटका मिला। चाचा ने बताया कि जगमोहन के पिता रामचरण, मां कमलेशा व अन्य परिजन दहिनवारा कार्यक्रम में रिश्तेदारी में उतरवां गांव गए थे। उ
सकी पत्नी जलसा अपने मायके में बच्चों के साथ निमंत्रण में गई थी। घर में कोई नहीं था। वह शराब के नशे में घर आया था। परिजनों के निमंत्रण में जाने पर नाराज था। जगमोहन बेलदारी का काम करता था। दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। दो भाइयों में बड़ा था। बिसंडा थाना इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि शराब के नशे में फंदा लगाया है।