चित्रकूट। 23 दिन बाद यह साबित हो गया कि विधायक अब्बास और निखत की जेल में गैरकानूनी मुलाकात में वार्डर जगमोहन ही मुख्य भूमिका में था। 10 फरवरी को छापा पड़ने पर डिप्टी जेलर चंद्रकला के कमरे में विधायक अब्बास और पत्नी निखत मौजूद थे। वार्डर जगमोहन ने विधायक अब्बास को दूसरे रास्ते से बैरक पहुंचाया था। इसकी पुष्टि सोमवार को एसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।
2018 में बागपत जेल में शूटर मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय मथुरा जिले का निवासी वार्डर जगमोहन सिंह चर्चा में आया था। इस मामले में वह निलंबित हुआ था, लेकिन बाद में उसे चित्रकूट जेल भेज दिया गया। बताया जाता है कि इस वार्डर पर कुछ राजनेताओं की छत्रछाया है। इसके चलते वह जल्द बहाल हो गया। चित्रकूट जेल में भी अधिकरियों के बीच अपनी पैठ बनाई थी। कई बंदियों ने बताया कि जेल में वार्डर जगमोहन की ड्यूटी नाममात्र के लिए कागज में दर्ज होती है, उसका हर जगह हस्तक्षेप रहता था। वह जो चाहता था, आराम से होता था। बताया जाता है कि कई बार बड़े नेताओं का नाम लेकर अधिकारियों पर रौब गांठ चुका है। फोन से नेताओं से बात भी करता था। इस कारण उसकी बात ज्यादातर लोग मान लेते थे।
14 मई 2021 को चित्रकूट जेल में माफिया मुख्तार के दो शूटरों मुकीम काला और मेराज अली की विदेशी रिवाल्वर से हत्या हुई थी। घटना को अंजाम देने वाले शूटर अंशू दीक्षित को पुलिस ने ढेर कर दिया था। इस प्रकरण में रिवाल्वर पहुंचाने से शूटर अंशू की हर तरह की मदद करने के आरोप वार्डर जगमोहन पर ही लगे थे, लेकिन ऊंची पहुंच के कारण उस पर कोई आंच तक नहीं आई। वह विधायक अब्बास अंसारी से लेकर अन्य माफिया के जेल में आने पर खिदमत करता था।
सोमवार को जेल में मिले सीसीटीवी फुटेज व अन्य अधिकारियों के बयान से स्पष्ट हो गया है कि वार्डर जगमोहन की पूरी डील करता था। कैंटीन सप्लायर से छह लाख रुपये भी वही जेल आया था। घटना के दिन वह संतरी पोस्ट पर तैनात था। डीएम और एसपी के पहुंचते ही जेल अधीक्षक के इशारे पर वह अंदर आ गया। डिप्टी जेलर चंद्रकला के कमरे में मौजूद विधायक अब्बास और निखत को सतर्क किया। अब्बास को बैरक में पहुंचाया। इस कारण कमरे में सिर्फ निखत ही मिली। सोमवार को एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि छापा पड़ने पर डिप्टी जेलर के कमरे से अब्बास अंसारी को जगमोहन ने ही बैरक में पहुंचाया था। (संवाद)