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Banda News: इल्म सीखना और सिखाना बेहद जरूरी

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बांदा। छोटे हजरत मुफ्ती सैय्यद गाजी रब्बानी का दो दिवसीय उर्स कुरानख्वानी व अस्ताना में गुलपोशी के साथ हुआ। हिरा कैंपस में जलसे का आयोजन किया गया। इसमें बुंदेलखंड समेत गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से अकीदतमंदों ने शिरकत की। सज्जादानशीन मौलाना सैय्यद शाहिद रब्बानी ने सदारत की। निजामत सैय्यद महमूद रब्बानी ने की। मौलाना हामिद मियां ने छोटे हजरत की जीवन शैली पर रोशनी डाली। उनकी शख्सियत और जिंदगी में किए गए उसूलों पर चलने की हिदायत दी। कहा कि इल्म सीखना और सिखाना बेहद जरूरी है।
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जलसे की सरपस्ती मौलाना कौशर रब्बानी जबलपुर व मौलाना अनवर रब्बानी (सज्जादानशीन बड़े हजरत) ने की। सैय्यद अशहर रब्बानी, सैय्यद गौहर रब्बानी, सादाब सूरत, इल्मुद्दीन सूरत, कारी अखलाक टीकमगढ़, इकराम अजहर बरकाती बरेली शरीफ की नात पाक पसंद की गईं। शुरुआत कारी अब्दुल रहमान ने तिलावत से की। मौलाना अमीनुल कादरी मालेगांव, मौलाना नूर खां शहडोल, मौलाना इदरीश सूरत, मौलाना मुकीम आगरा ने खिताबत की। इसके पूर्व हल्का ए कादरिया में अकीदतमंदों ने अमन की दुआ की।
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