कचरा जलाकर हाथ सेंकते व्यापारी और किसान।
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बांदा। उत्तराखंड से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने बुंदेलखंड को भी जबर्दस्त शीतलहर की चपेट में ला दिया। रविवार को लगातार दूसरे दिन भी मौसम में कोई सुधार नहीं हुआ। अधिकतम और न्यूनतम दोनों पारे में ही गिरावट आई। न्यूनतम पारा छह डिग्री पर आ गया। दोपहर बाद निकली हल्की धूप के बावजूद अधिकतम पारा 21.2 डिग्री से आगे नहीं बढ़ा। तड़के से शुरू हुआ कोहरा दोपहर तक जमा रहा। सूरज के दर्शन दिन में दो बजे के आसपास हुए। ठंडी हवाओं के बीच निकली धूप कोई छाप नहीं छोड़ सकी। छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने हालत और खराब कर दी। सड़कों पर आम दिनों के मुकाबले सन्नाटा रहा। जगह-जगह लोग आग का जुगाड़ करके हाथ सेंकते रहे। सार्वजनिक स्थानों पर प्रशासन और निकायों द्वारा जलाए जा रहे अलाव नाकाफी साबित हो रहे हैं। इनमें देर शाम सिर्फ इतनी लकड़ी डाली जाती है जो चंद घंटे में जलकर खत्म हो जाती है। मौसम जानकारों के मुताबिक उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आने वाली पछुआ हवाओं ने मैदानी क्षेत्र में सर्दी बढ़ा दी है। न्यूनतम पारा छह डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से करीब एक डिग्री कम है। केंद्रीय जल आयोग में मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार की रात कोहरा छाया रहेगा। दिन में भी दोपहर तक धुंध रहेगी। दोपहर बाद मौसम साफ हो सकता है।