बांदा। दहेज के लिए गर्भवती की हत्या के मामले में अपर जिला जज प्रथम की अदालत ने पति को दोषी पाया। अदालत ने पति को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
पांच दिसंबर 2017 में 5 दिसंबर को ग्राम पैलानी के फूलचंद्र निषाद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बेटी की शादी के दौरान उसने दान-दहेज दिया था, लेकिन ससुराल वाले और दहेज की मांग कर रहे थे। बेटी को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। बातचीत के बाद भी वह हरकतों से बाज नहीं आए।
अतिरिक्त दहेज न देने पर बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह ने जांच पड़ताल की। विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद वर्ष 2018 में 25 मार्च को अभियुक्त जय सिंह पुत्र लल्लू निषाद निवासी कुकुवाखास थाना पैलानी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। 18 अप्रैल 2018 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। शुक्रवार को प्रथम अपर जिला जज प्रथम ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त जय सिंह को 10 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।