बांदा। करीब एक सप्ताह से गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान 42 डिग्री के इर्द गिर्द पहुंच गया। सूर्य की तल्ख किरणें लोगों को चुभने लगी और वे छांव तलाशते दिखाई दिए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी गर्मी का असर और बढ़ेगा।
अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक सुबह व शाम के वक्त गर्मी से कुछ राहत थी, लेकिन दूसरे सप्ताह से मौसम एकाएक बदल गया। कभी आसमान में बादल छा जाते हैं तो कभी सूर्य की तल्खी लोगों को सताने लगती है। गुरुवार को सुबह से ही सूर्य के तेवर तीखे नजर आए। दोपहर होने तक आसमान से आग बरसने लगी। बाजारों और चौराहों पर सन्नाटा पसर गया। अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंच गया।
भीषण गर्मी में पसीने से तरबतर लोग गला तर करने के लिए शीतल पेय का सहारा लेते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में भी बुरा हाल था। गलियों में दोपहर को सन्नाटा छाया रहा। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि पूरे अप्रैल मौसम में बदलाव होता रहेगा। तापमान बढ़ने के साथ ही बूंदाबांदी होने के आसार हैं।