बांदा। जनपद में आषाढ़ का महीना सूखा निकल गया तो किसानों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन सावन अब जमकर भिगो रहा है। दूसरे दिन भी दोपहर में झमाझम बरसा हुई तो उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। वहीं शहर क्षेत्र में नगर पालिका की लापरवाही से हर तरफ लोगों को जल भराव का सामना करना पड़ा। कहीं नाले उफनाए तो कहीं गलियों में घुटनों तक पानी बहता रहा। छात्र-छात्राएं भी भीगते हुए उफनाने नालों से होकर निकले। वहीं वर्षा से किसानों के चेहरों पर खुशियां दिखीं।
जिले में इस साल मौसम विभाग ने समय से मानसूनी दस्तक की भविष्यवाणी जरूर की थी, लेकिन पूरा जून (आषाढ़) का महीना निकल गया, पर बारिश नहीं हुई। किसानों ने धान की बेड़ तैयार कर ली, लेकिन बिना वर्षा के परेशान रहे। इधर, सावन माह लगते ही मेघ मेहरबान हुए। सोमवार को दोपहर में कहीं तेज तो कहीं मंद वर्षा हुई। जबकि मंगलवार को भी दोपहर में चारों तरफ काले घने मेघ आसमान में घिरे और करीब एक घंटे तक झमाझम वर्षा हुई। इसी समय विद्यालयों में छुट्टी हुई तो उमस व गर्मी से परेशान बच्चे भी भीगते हुए घर पहुंचे। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार को करीब 20 मिलीमीटर वर्षा हुई। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी वर्षा के चलते दो से तीन डिग्री की कमी आई। इससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को भी तेज वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
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पालिका के सफाई अभियान के दावों की खुली पोल
शहर में नालों पर अतिक्रमण और गंदगी लोगों को वर्षा के मौसम में भारी पड़ रही है। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे तेज वर्षा हुई तो हर तरफ जलभराव हो गया। छोटी बाजार, न्यू मार्केट, सेढ़ू तलैया, परशुराम तालाब, लोहिया पुल और स्वराज कालोनी में नाले तो उफनाए ही, गलियों में भी घुटनों से ऊपर पानी बहता रहा। सेढ़ू तलैया मोहल्ले के राजेंद्र कुमार साहू, शिव प्रसाद चक्रवर्ती, हेमंतराज शर्मा, रानी देवी आदि ने बताया कि नगर पालिका से लगातार नालों की सफाई की मांग की जा रही है, पर सफाई में औपचारिकता हुई है। छोटी काली देवी मंदिर से 100 मीटर आगे तक नाले में अतिक्रमण कर बंद कर दिया गया है। पुलिया भी जाम व जर्जर है। इससे पानी नहीं निकल पाता। मंगलवार को यहां गलियां वर्षा के पानी से उफनाती रहीं। पीलीकोठी उपकेंद्र व गुरुद्वारा गली में भी लबालब पानी भरा रहा।