बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे किनारे अछरौड़ गांव में ग्रीन पार्क विकसित होगा। यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। इसके लिए आठ हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है। यूपीडा इस पर 65 लाख रुपये खर्च करेगा। ग्रीन पार्क में चंदन से लेकर अशोक तक के पौधे होंगे। पर्यटकों के बैठने व मनोरंजन के साधन भी होंगे। वन विभाग के सहयोग से यहां पौधे रोपित होंगे।
एक्सप्रेसवे के जरिए बुंदेलखंड विकास में उड़ान भरने को तैयार है। यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरेया, इटावा को आपस में जोड़ता है। दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका लोकार्पण किया था। करीब 296 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे में इस समय करीब पांच हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। भरतकूप से लेकर इटावा तक इसमें पांच टोल प्लाजा और चार रैंप प्लाजा बनाए गए हैं। इनमें टाॅयलेट ब्लाक से लेकर पेट्रोलपंप, फूड प्लाजा आदि की व्यवस्थाएं पूरी हो गई हैं।
अब इसमें सोलर प्लांट से बिजली पैदा करने के साथ ग्रीन पार्क विकसित करने की तैयारी है। 296 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे में चार ग्रीन पार्क बनाए जाने हैं। बांदा जनपद में अछरौड़ गांव के पास आठ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जा चुका है। इसमें ग्रीन पार्क विकसित किए जाएगा। आठ हेक्टेयर में चंदन, सागौन, इमली, अशोक सहित शोभाकार व छायाकार पौधे लगाए जाएंगे। एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले यात्री ग्रीन पार्क में रुककर मनोरंजन कर सकेंगे। इसके लिए यूपीडा ने वन विभाग को 65.19 लाख रुपये दिए हैं। यह राशि पौधे लगाने और उसकी देखरेख में खर्च होंगे। इसके अलावा पार्क में मनोरंजन के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वन प्रबंधक ने आरटीआई में दी जानकारी
बांदा। शहर के आवास विकास मोहल्ला निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला ने इस संबंध में यूपीडा के अधिकारियों से आरटीआई में जानकारी मांगी थी। वरिष्ठ वन प्रबंधक अतुल अस्थाना ने इस संबंध में 20 नवंबर को जनसूचना दी। इसमें उन्होंने सदर तहसील के अछरौड़ गांव में आठ हेक्टेयर भूमि लिए जाने और वन विभाग को 65.19 लाख रुपये आवंटित होने की जानकारी दी।
-अछरौड़ गांव में ग्रीन वेल्ट विकसित करने के लिए शासन के निर्देशानुसार पौधारोपण कराया जाएगा। पौधारोपण का कार्य बरसात के समय किया जाता है। -अरविंद कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, बांदा
-एक्सप्रेस के किनारे बांदा में ग्रीन बेल्ट व पार्क विकसित किया जाना है। इसके लिए धनराशि भी जारी कर दी गई है। करीब एक वर्ष में यह तैयार हो जाएगा। -विवेक कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता, यूपीडा,चैनेज-1