बांदा। राजकीय महिला महाविद्यालय की स्वयं सेवी छात्राओं ने रविवार को शहर के मोहल्लों में शिविर लगाया। महिलाओं को पोषण के महत्व के बारे में बताया। साथ ही नुक्कड़ नाटक के जरिए भी महिलाओं को स्वच्छता व पोषण पर जागरूक किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रथम, द्वितीय और तृतीय इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन प्राचार्य प्रो.दीपाली गुप्ता तथा तीनों इकाइयों की कार्यक्रम अधिकारी डा.सबीहा रहमानी, ज्योति मिश्रा, अंकिता तिवारी की अगुवाई में कार्यक्रम हुए। शिविर में स्वास्थ्य-पोषण का महत्व, रक्ताल्पता, सेहत एवं स्वच्छता तथा श्री अन्न का महत्व के बारे में बताया गया।
छात्राओं ने अहिर मोहाल, दरी मोहाल और बारी मोहाल में महिलाओं व बालिकाओं को पोषण के महत्व एवं स्वच्छता की जानकारी दी। छात्रा नंदिनी, पिंकी, प्रियंका, ज्योति, सृष्टि और निशु सोनी ने स्वच्छता अभियान पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता डॉ.कंचन ने कहा कि पौष्टिक भोजन स्वास्थ्य की एक महत्त्वपूर्ण आधार शिला है। इसलिए शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए भोजन में उचित मात्रा में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होनी चाहिए। पोषक तत्वों की अधिकता और कमी-दोनों समान रूप से हानिकारक हैं। डॉ.अंकिता तिवारी ने श्रीअन्न के महत्व को विस्तार से बताया। डॉ. वीरेंद्र प्रताप चौरसिया, डॉ.राशिदा खातून व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।