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Banda News: घाटियों में बारिश से उफनाए गंगऊ और बरियापुर बांध

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बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में 36 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने सूखे पड़े गंगऊ और बरियारपुर बांध उफना गए हैं। बांधों की क्रस्टवाल से उफनाकर करीब 15 हजार क्यूसेक पानी केन नदी में गिर रहा है। जलस्तर बढ़ने से सिंचाई विभाग ने 440 क्यूसेक पानी मुख्य केन नहर में छोड़ा है। जून ये पहले ही गंगऊ, बरियारपुर और रनगवां बांध/वियर डेड स्टोर हो गए थे। इतना भी पानी नहीं था कि नहर चलाई जा सके। शनिवार को यह खबर अमर उजाला में छपी भी थी। उधर, मध्य प्रदेश और बांधों के जल संग्रह क्षेत्रों में 36 घंटों से हो रही मानसूनी बारिश ने हालात पलट दिए। बांधों का सूखा खत्म हो गया। गंगऊ में दस और बरियारपुर व रनगवां बांधों में सात-सात मिलीमीटर बारिश हुई। सिंचाई विभाग, बांदा ने रविवार को सिंचाई के लिए गंगऊ से 9340 और बरियारपुर से 660 क्यूसेक पानी मुख्य केन नहर में चालू कर दिया है। इसके अलावा चिल्लीमल पंप नहर से 60 क्यूसेक और औगासी पंप नहर से 135 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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सबसे अधिक गंगऊ बांध क्षेत्र में हुई बारिश
चित्रकूटधाम मंडल के सभी 13 बांधों में जून से अब तक सर्वाधिक 103 मिमी वर्षा गंगऊ बांध क्षेत्र में हुई है। बांध में 57 फीसदी पानी है। रनगवां में 62 और बरियारपुर में 60 मिमी बारिश अब तक हो चुकी है। चित्रकूट के ओहन बांध में 71 व बरुआ बांध में 50 मिमी पानी बरसा है। चन्द्रावल बांध (महोबा) में 52 मिमी, मौदहा बांध (हमीरपुर) में 55 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अन्य बांधों में भी बारिश हुई है।

मध्य प्रदेश व बांध क्षेत्र में 36 घंटों से मूसलाधार बारिश हो रही है। बांधों की क्रस्टवाल से उफनाकर करीब 15 हजार क्यूसेक पानी केन नदी में गिर रहा है। बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।-वेद प्रकाश गौड़, अवर अभियंता, प्रभारी गंगऊ बांध।
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