बांदा। मृतक महिला का फर्जी मस्टररोल बनाने और मनरेगा योजना के तहत सरकारी धन हड़पने के मामले में सीजेएम भगवानदास गुप्ता की अदालत ने तत्कालीन उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा और बीडीओ नरैनी समेत 10 अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। धारा 156-3 के तहत सीजेएम न्यायालय में आवेदन किया गया था।
शहर के सिविल लाइन निवासी लल्लू सिंह पुत्र वीर सिंह ने सीजेएम की अदालत में 156-3 के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दिया था। बताया था कि ग्राम पंचायत बिल्हरका विकास खंड नरैनी की श्रमिक माया पत्नी रज्जू का जाब कार्ड नंबर यूपी42-008-012-004/82 था। श्रमिक माया पत्नी रज्जू की मृत्यु 28 दिसंबर 2016 को हो चुकी है। माया की मृत्यु हो जाने के बाद मनरेगा योजना का सरकारी धन हड़प करने के उद्देश्य से तत्कालीन उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा राघवेंद्र तिवारी वर्तमान तैनाती महोबा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग खंड-1 डीएस यादव, अवर अभियंता बीके सिंह, तत्कालीन बीडीओ कार्यक्रम मनरेगा विकासखंड नरैनी मनोज कुमार, वर्तमान तैनाती जनपद प्रयागराज, तत्कालीन बीडीओ नरैनी प्रकाश प्रसाद वर्तमान तैनाती ब्लाक तिंदवारी, ग्राम रोजगार सेवक बबलू बिल्हरका, नागेंद्र प्रसाद दीक्षित लेखाकार विकासखंड नरैनी वर्तमान तैनाती ग्राम पंचायत नहरी, रमाकांत धुरिया तत्कालीन लेखाकार मनरेगा ब्लाक नरैनी, विनय सिंह तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास खंड बिल्हरका वर्तमान तैनाती नहरी, प्रमोद कुमार कंप्यूटर आपरेटर ब्लाक नरैनी आदि ने मृतक महिला श्रमिक के नाम मस्टर रोल संख्या-14307 कार्य की अवधि 1 दिसंबर 2020 से लेकर 16 दिसंबर 2020 के जाब कार्ड दिखाकर धोखाधड़ी करते हुए धन हड़प कर लिया।
इसी प्रकार छल कपट, बेईमानी से सरकारी धन हड़प करने के आशय से उक्त श्रमिक माया के नाम 2020-21 के मस्टर रोल 7106, 7806, 9229 तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 के मस्टर रोल 3168, 3582 उक्त सभी अधिकारियों ने आपस में आपराधिक षड़यंत्र रचकर मृतक श्रमिक माया के नाम की धनराशि हड़पी गई। सीजेएम न्यायालय ने सभी अधिकारियों के खिलाफ कोतवाली नरैनी में रिपोर्ट दर्ज करने और विवेचना के निर्देश दिए हैं। साथ ही रिपोर्ट दर्ज करते हुए एग प्रति न्यायालय को भेजने का आदेश भी सीजेएम की अदालत ने दिया है।