बांदा। करीब ढाई दशक से बंद कताई मिल तो नहीं चालू हो सकी, लेकिन अब वहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद यूपीसीडा यहां फूड पार्क बनाएगा। इससे जनपदवासियों को रोजगार भी मिलेंगे।
चिल्ला रोड पर 85 एकड़ क्षेत्रफल में बनी कताई मिल का 1981 में शुभारंभ हुआ था। इसमें करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिला था। 1992 में कताई मिल को घाटे में दिखाकर इसे बंद कर दिया गया था। तब से यह बंद है। मिल की मशीनरी को नीलाम कर दिया गया है। मिल परिसर में बने भवनों के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हो गया है।
कैबिनेट की बैठक में में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कताई मिल की 85 एकड़ भूमि में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक प्राधिकरण (यूपीसीडा) को यह जमीन नि:शुल्क दी जा रही है। सरकार ने मिल की करोड़ों की बिजली आदि की देनदारी भी माफ कर दिया है। यूपीसीडा के अधिकारियों को कैबिनेट में मंजूरी के बाद शासनादेश का इंतजार है।
अधिकारियों का कहना है कि आदेश आते ही कताई मिल की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए यहां आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां कृषि आधारित खाद्यान्न उद्योग लगाए जाएंगे। गन्ना मिल लगाने की भी चर्चा है।
चीनी मिल की अरसे से हो रही मांग
जनपद में दो दशक पहले तक सैकड़ों किसान गन्ना की खेती करते रहे हैं। करीब 60 हजार हेक्टेयर में होने वाला गन्ना अब यदा-कदा ही खेतों में दिखता है। हालांकि नरैनी क्षेत्र में अभी भी बड़े पैमाने पर किसान गन्ना की खेती करते हैं। यदि यहां चीनी मिल स्थापित होती तो बुंदेली किसानों को अच्छी आमदनी होगी और वह आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।
युवाओं को मिलेगा रोजगार
सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि कताई मिल की 85 एकड़ भूमि पर उद्योग विकसित होंगे। कैबिनेट में मंजूरी के बाद अब यहां बेहतर उद्योग लगाए जाएंगे। इससे जनपदवासियों को खासकर युवाओं को रोजगार मिलेगा।
वर्जन-
-कताई मिल बांदा की भूमि यूपीसीडा को देने की प्रक्रिया चल रही है। शासन से आदेश आते ही इस पर सुविधाएं विकसित करने का कार्य किया जाएगा। ताकि निवेशकों को यहां आमंत्रित किया जा सके।-संतोष कुमार,क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।