अदालत से...
-अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने तीन साल सात माह बाद सुनाया फैसला
-घटना के बाद से जेल में निरुद्ध है दोषी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। कोतवाली नगर क्षेत्र में तीन साल सात माह पहले महिलाओं पर तेजाब डालकर घायल करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। उन्होंने दोषी को पांच साल की सजा व 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं, दोषी घटना के समय से ही जेल में निरूद्व है।कोतवाली नगर क्षेत्र के कैलाशपुरी मोहल्ला निवासी लवकुश सेन ने 5 नवंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज करायी कि दोपहर ढाई बजे मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चे अपने दरवाजे के सामने खेल रहे थे। पडोस का रहने वाला अजय कुमार तिवारी उर्फ गुल्ली पुत्र जगदम्बा प्रसाद तिवारी आया और बच्चों को गाली गलौज व मारपीट करने लगा। यह देख रानी बच्चों को बचाने आईं तो अजय अपने घर से स्टील के लोटे में तेजाब ले आया। घर के बाहर बैठी उनकी पत्नी रानी, उसकी पुत्री लक्ष्मी व शोभा के ऊपर तेजाब डाल दिया। जिससे तीनों महिलाएं बुरी तरह से झुलस गईं और अजय मौके से भाग निकला। विवेचक ने मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किया गया। पत्रावली मे उपलब्ध साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 24 पेज के फैसले में अजय कुमार तिवारी को दोषी पाकर सजा व जुर्माने से दंडित किया।