बांदा। गुरुवार को रोजा इफ्तार के साथ मुबारक माह रमजान का पहला अशरा (शुरुआती 10 दिन) समाप्त हो गया। यह अशरा रहमत का माना जाता है। पहले अशरे की समाप्ति के साथ प्रमुख मस्जिदों में तरावीह की नमाजों के दौरान कुरान पूरा हुआ। 11वें रोजे के साथ रमजान माह का दूसरा अशरा मगफिरत का शुरू हो गया। नवाबी जामा मस्जिद में प्रतिदिन रोजा-इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है।
मुबारक माह रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा अशरा जहन्नम से आग की निजाती है। पहला अशरा समाप्त होने के साथ ही मस्जिदों में इफ्तार में तेजी आई है। नौवें रोजे की रात नवाबी जामा मसजिद में तरावीह के दौरान कुरान पूरा हुआ। यहां हथौरा के मौलाना अनस अहमद ने कुरान सुनाया। इस मौके पर मदरसा हथौरा के मौलाना हबीब अहमद ने इस मुबारक महीने में रोजे का पूरी तरह से एहतिमाम और एहतिराम करने को कहा। इसी क्रम में शेख सरवर साहब की मसजिद में भी कुरान पूरा हुआ।