बांदा। बर्फीली हवाएं जानलेवा हो रही हैं। ऐसी ठंड में किसान खेतों की या तो रखवाली कर रहे हैं या फिर सिंचाई कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड किसानों के रोजमर्रा के काम उनकी जान की दुश्मन बन रही है। मंगलवार को जिले के दो किसानों को खेत से लौटने के बाद ठंड लगी और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। इस कड़ाके की ठंड में अभी पांच किसान हार्ट अटैक से जान गंवा चुके हैं। लिहाजा डॉक्टरों ने उनसे सावधानी बरतने की अपील की है।
ठंड से बचने लिए जिला अस्पताल के सीएमएस एसएन मिश्रा ने बताया कि किसान खाली पेट तो खेत पर काम के लिए कतई न जाए। भरपेट भोजन करें या फिर तिल, गुड़, चना का सेवन करने के बाद ही खेतों की ओर रुख करें। खाली पेट ठंड लगने की संभावना ज्यादा होती है। खेत की सिंचाई या खाद का छिड़काव करते समय कानों में मफलर या ऊनी टोपा लगाएं। रखवाली कर रहे हैं तो खेत में अलाव का इंतजाम रखें। इस पर भी अगर ठंड लग जाती है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर की बताई गई ही दवाओं का सेवन करें।
नशा नहीं काढ़े का करें सेवन
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि किसान खेत की सिंचाई या रखवाली करते समय शराब आदि मादक पदार्थों का सेवन न करें। नशे की हालत में ठंड लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह से अगर ठंड लग गई है तो घर में तुलसी, अदरक, अजवाइन, काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। रखवाली के दौरान खेत में समय समय पर चाय-काफी पीते रहें।