फोटो 18 बीएनडीपी 21- विकास भवन सभागार में किसान दिवस में मौजूद किसान। संवाद
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बांदा। किसान दिवस पर डीएम, सीडीओ सहित सिंचाई से संबंधित अधिकारियों के न होने पर किसान बिफर गए। एलडीएम को फोन न उठाने पर खरी खोटी सुनाई। कहा समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है। किसान वक्ता के रूप में आते हैं और अधिकारी श्रोता के रूप में सुनकर चले जाते हैं। यहां पहुंचे किसानों का कहना था कि अगले किसान दिवस में जिम्मेदार अधिकारी न आए तो बहिष्कार किया जाएगा।
विकास भवन में आयोजित तहसील दिवस में किसान खासे नाराज दिखे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अधिकारियों ने किसान दिवस को मजाक बना दिया है। डीएम, सीडीओ सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी यहां नहीं आए। कृषि विभाग, बैंक व पशुपालन विभाग के ही गिने चुने अधिकारी आए हैं।
किसान आरएस त्रिपाठी ने कहा कि नरैनी, अतर्रा बेल्ट में सर्वाधिक धान होता है। प्रशासन को चाहिए कि वह किसानों के पुआल को अभी से खरीदकर रख लें। इससे किसानों को भी लाभ होगा और भूसे की समस्या से निजात मिलेगी। सुशील चौरिहा ने कहा कि नहरों की सफाई कागजों में हो गई। पानी छोड़ा गया तो तमाम किसानों के खेत नहरों के कटा होने से पानी से भर गए और फसल खराब हो गई। दिनेश पाल ने कहा कि जैविक खेती करने वाले किसानों को गोशालाओं से गोबर की खाद उपलब्ध कराई जाए।
सब्सिडी पर बीज दिया जाए। शिव नारायण ने धान खरीद का भुगतान समय से कराने की बात रखी। उप निदेशक कृषि विजय कुमार ने कहा कि किसानों को जल्द 50 फीसदी सब्सिडी पर सहकारिता विभाग स्प्रे मशीन उपलब्ध कराएगा। किसान नैनो यूरिया का इस्तेमाल करे। जिला कृषि अधिकारी डा.प्रमोद कुमार, अग्रणी बैंक प्रबंधक विनय कुमार पांडेय सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
किसान गोष्ठी में नहीं पहुंचने की जानकारी के लिए डीएम दीपा रंजन को कॉल की गई, जिसे उनके गनर ने रिसीव किया। गनर ने बताया कि कलक्ट्रेट सभागार में मैडम किसी बैठक में हैं। सीडीओ वेद प्रकाश ने भी डीएम मैडम के साथ ही कलेक्ट्रेट में बैठक में होने की बात कही। विकास भवन में किसान दिवस में नहीं पहुंचने की बात पर कोई जवाब नहीं दिया।