बांदा जिले में दो दिन पहले बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। मंगलवार की सुबह खेत में गए किसान ने चने की फसल चौपट देखकर खेत में जहर खा लिया। परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान मौत हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के रिठौली गांव निवासी किसान रमेश (50) मंगलवार की सुबह बेटी नीलम के साथ खेत में चने की फसल काटने गए थे। बारिश और ओले से फसल चौपट देखकर वहीं जहर खा लिया। बेटी ने मोबाइल फोन से परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने उन्हें सीएचसी पहुंचाया।
यहां डॉ. धर्मनारायण ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखाया गया है। भतीजे बहादुर ने बताया कि दो बीघा जमीन है।
इस बार चने की फसल बोई थी। दो दिन पहले बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई थी। किसान के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। खेती से जीविका चलती थी। तहसीलदार सत्यप्रकाश ने बताया कि किसान ने जहर खाकर आत्महत्या की है। जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।