करतल (बांदा)। सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय बांदा के अंतर्गत बरियारपुर बांध से 46 किलोमीटर तक किसानों की जीवनदायिनी मुख्य नहर पर कई पुल बने हैं। इस रास्ते से बड़े वाहनों को निकलना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बाद भी बालू ठेकेदार ओवरलोड ट्रक दिन -ात निकालते हैं। इससे इन पुलों के टूटने की आशंका बढ़ रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर इन बड़े वाहनों पर रोक लगाने के लिए कड़ाई नहीं कर रहे हैं।
बरियारपुर से आगे तक 46 किलोमीटर दूरी तक बीरा पुल, चंदौरा पुल, चांदी पाठी पुल, नहरी कोठी पुल, बरौली पुल, मानपुर पुल और लौहरेटा पुल पड़ता है। रोजाना इन पुलों से प्रतिबंधित बड़े वाहनों को ओवर लोडिंग कर निकाला जा रहा है। सिंचाई प्रखंड तृतीय के सहायक अभियंता अनूप कुमार ने बताया कि इरीगेशन मैनुअल ऑफ आर्डर के तहत इन पुलों के ऊपर से बड़े वाहनों का निकलना प्रतिबंधित है।
जो पुल मुख्य नहर के ऊपर बने हैं। वह कई ग्रामों को जोड़ते हैं।
बताया कि कैनाल एक्ट 8 की सन 1873 की धारा 70 के तहत ग्राम संपर्क मार्ग पुल से भारी वाहन बिना परमिशन एवं विभागीय अनुमति के नहीं निकाले जा सकते हैं। ऐसा करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
बताया कि अनुमति लेने के बाद ही इन पुल से बड़े वाहन निकाले जा सकते हैं। बताया कि इन ओवर लोड बड़े वाहनों के विरुद्घ संबंधित थानों में कई बार शिकायत की गई है। सभी पुलों के पास बड़े वाहन निकलने के प्रतिबंध की सूचना के बोर्ड भी लगे हैं। इसके बाद भी बड़े वाहनों की आवाजाही पर इस रोड पर रोक नहीं लगाई जा रही है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी नरैनी नितिन कुमार ने बताया कि जुलाई-अगस्त, सितंबर, अक्तूबर 2022 तक उनकी संयुक्त टीम और एसडीएम ने ओवरलोड में 150 बालू भरे ट्रकों का चालान किया है। इसकी चलानी खनिज विभाग में भेजी जा चुकी है। बड़े वाहनों की पुलों के ऊपर आवाजाही रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।