बांदा। व्यावसायिक लेनदेन के चलते पूर्व ब्लॉक प्रमुख जसपुरा को गोली मारकर घायल करने के मामले में पुलिस ने अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि इस घटना में वह विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। उधर, आरोपी पक्ष भी डीएम और एसपी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रख चुका है। इससे पुलिस इस घटना को लेकर बारीकी से जांच कर रही है। नतीजे में घटना के 10 दिन गुजरने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पैलानी थाना क्षेत्र के बड़ा गांव पिपरवाडेरा निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख मिश्रीलाल कश्यप (40) को 11 अगस्त की रात फतेहपुर से लौटते समय हेलमेट और मुंह बांधे बाइक सवार दो लोगों ने कार रुकवा कर उनके सीने में पिस्टल लगा दिया था।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख द्वारा हाथ का झटका देने पर गोली उनकी बाईं जांघ को चीरते हुए निकल गई थी। घायल ब्लॉक प्रमुख का मेडिकल कॉलेज में इलाज किया गया था। इस घटना पर उन्होंने अपने पारिवारिक चाचा फूलचंद्र निषाद व उनके दो बेटों अजय और आशीष के खिलाफ दो करोड़ 38 लाख के लेनदेन को लेकर विवाद के चलते गोली मारने की तहरीर दी थी।
घटना के संबंध में पैलानी थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। घटना के बाद आरोपी पक्ष की ओर से उनके परिजनों व ग्रामीणों ने आरोप को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
इस पूरे प्रकरण पर सीओ सदर अंबुजा त्रिवेदी का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना को लेकर विभिन्न पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही वह जांच के बाद इसका खुलासा करेंगी।