बांदा। स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी शिक्षकों को रास नहीं आ रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी कई स्कूलों के शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी नहीं भर रहे हैं। 10 फीसदी स्कूल भी ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं जुड़ सके हैं। लिहाजा शिक्षकों को दिए गए टैबलेट उनकी अलमारियों में रखे हैं।
परिषदीय स्कूलों में मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए ऑनलाइन हाजिरी की प्रक्रिया शुरू की है। पहले चरण में जिले के 1725 स्कूलों में से 1357 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट दिए गए हैं, लेकिन इनमें सिर्फ आठ से 10 स्कूलों के ही शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति भेज रहे हैं।
शिक्षकों के विरोध की मुख्य वजह यह है कि टैबलेट में फेस रीडिंग उपस्थिति होनी है। एमडीएम रजिस्टर और बच्चों की फोटो भी ऑनलाइन अपलोड होनी है। इस कारण एमडीएम में किसी प्रकार का घालमेल नहीं हो पाएगा। बच्चों की उपस्थिति कम होने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
शासन ने ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था एक फरवरी से शुरू की थी, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी 10 फीसदी स्कूल ऑनलाइन हाजिरी से नहीं जुड़ सके। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।
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शिक्षकों को निरंतर ऑनलाइन उपस्थिति के निर्देश दिए जा रहे है। जल्द ऑनलाइन उपस्थित दर्ज न करने वाले स्कूलों को चिहिंत कर कार्रवाई की जाएगी। -प्रिंसी मौर्या, बीएसए।