बांदा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले हुई बैठक में बिजली कर्मियों ने आंदोलन की रणनीति बनाई। मांगें पूरी न होने पर 36 घंटे कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। मंगलवार की शाम मशाल जुलूस निकालेंगे। चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण ध्यानाकर्षण आंदोलन में किसी बिजली कर्मी का उत्पीडन हुआ तो जेल भरो आंदोलन होगा।
सोमवार को चिल्ला रोड स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति संयोजक पीयूष द्विवेदी ने कहा कि संगठन और शासन स्तर पर द्विपक्षीय वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकला। चार माह गुजर गए और कर्मचारियों को अब तक न्याय नहीं मिला। मजबूरन आंदोलन को बाध्य होना पड़ा। बताया कि 14 मार्च को शाम 5 बजे मशाल जुलूस निकलेगा। 15 मार्च को सुबह 10 बजे से 16 मार्च को रात 10 बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 72 घंटे सांकेतिक हड़ताल करेंगे। आंदोलन में अभियंता, अवर अभियंता, अधिकारी, संविदा व नियमित बिजली कर्मी आदि शामिल होंगे।
मीडिया प्रभारी आलोक शर्मा ने चेतावनी दी कि ध्यानाकर्षण आंदोलन में किसी भी बिजली कर्मी का उत्पीडन किया गया तो संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। हड़ताल के साथ जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रबंधन की होगी। आशीष सिंह, राजेश श्रीवास, मोहम्मद सुभान, शौकत अली, आनंद कुमार पाल, मोहनलाल राजपूत, विनय कुमार, कमाल अहमद, संतोष कुमार, अशोक दीक्षित, रविकांत अनुरागी रहे।
20 बकाएदारों के कनेक्शन काटे
बदौसा। बिजली बिल की अदायगी न करने पर 20 बड़े बकाएदारों के कनेक्शन काट दिए गए। उनकी केबिल जब्त कर ली। यह जानकारी एसडीओ दिलीप कुमार गंगादीन ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि थाने के सामने लगे 250 केवीए ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराई गई। सफाई के बाद सुरक्षा के मद्देनजर बैरीकेटिंग की गई। मरम्मत में जेई अवधेश कुमार समेत सिराज खां, नर्मदा प्रसाद, सुदामा, रवि आदि बिजली कर्मी जुटे रहे। (संवाद)