बांदा। शहर में ई-रिक्शा चालक बेलगाम हो गए हैं। एक-दूसरे से आगे निकलने और सवारियां भरने की होड़ में तेज रफ्तार में चलते हैं। जहां मन आया, वहां खड़े होकर सवारियां भरने लगे। इससे जगह-जगह पर जाम लग जाता है। जाम से सड़क पर चलने वाले लोगों परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पिछले वर्ष जिलाधिकारी के निर्देश पर ई-रिक्शा चालकों पर लगाम लगाने के लिए इनके लिए बकायदा पुलिस चौकियों के आसपास खड़े होने के स्टैंड बनाए गए। प्रत्येक चौराहे के ई-रिक्शा का रूट व शुल्क निर्धारित किया। नगर पालिका ने इनका पंजीयन किया। लेकिन यह व्यवस्था कुछ ही दिन में धड़ाम हो गई।
आलम यह है कि शहर में तीन हजार रिक्शा चल रहे है। इनमें आधे से ज्यादा का न तो नगर पालिका के पास कोई रिकार्ड है और न ही पुलिस व परिवहन विभाग के पास। इनकी धमाचौकड़ी से लोग खासे परेशान है। 25 फीसदी चालक नाबालिग है। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजार में लोगों की खासी भीड़ रही। प्रतिबंधित स्थानों पर ई-रिक्शों के घुस जाने से घंटों जाम लगा लगा। यातायात पुलिस दूर-दूर तक नजर नहीं आई।
महेश्वरी देवी चौराहे पर ई-रिक्शों का प्रवेश प्रतिबंधित है, लेकिन यहां दूर-दूर तक यातायात पुलिस नहीं थी। ई-रिक्शा बिना किसी रोकटोक के मुख्य बाजार में प्रवेश कर रहे थे। 12.10 पर जाम लगने से करीब 30 मिनट तक लोगों को परेशान होना पड़ा।
शंकर गुरु चौराहा मुख्य बाजार के बीचो बीच स्थित है। यहां पर छोटे-बड़े सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। मुख्य चौराहे से पुलिस गायब थी। ई-रिक्शों की वजह से कई बार जाम लगा। कई लोगों के ई-रिक्शों की चपेट में आने से कपड़े तक फट गए।
यहां ई-रिक्शा सवारियों लेने के लाइन से खड़े हो गए। जिससे आवागमन ठप सा हो गया। लोगों को आने जाने में खासी दिक्कत हुई। दुकानदारों के विरोध करने पर रिक्शा चालक उनसे झगड़े पर आमादा हो गए। आम लोगों के विरोध करने पर हटे।
ई-रिक्शों के लिए स्टैंड व रूट निर्धारित किए गए। मुख्य बाजार में इनका प्रवेश प्रतिबंधित है। नियमों का पालन कराने के लिए जल्द पुलिस के सहयोग से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
बुद्धि प्रकाश
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद, बांदा
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