नरैनी। मां के साथ सो रहे दिव्यांग का संदिग्ध हालात में शव कुएं में उतराता मिला। भाई ने हत्या करने की आशंका जताई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। कुएं की जगत से मृतक के कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के खरौंच गांव निवासी बिहारी (26) का शव घर के पास बने कुएं में बुधवार को सुबह उतराता मिला। मां कुसुमलता जब सोकर जागीं तो पुत्र को बिस्तर से नदारद पाया। उन्होंने पास पड़ोस में जानकारी की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। थोड़ी देर बाद घर के पास बने बीच के कुए की जगत में बिहारी के कपड़े और मोबाइल रखे मिले। बिहारी का शव कुएं के अंदर पानी में उतरा रहा था। घटना की जानकारी पर पुलिस क्षेत्राधिकारी नितिन कुमार, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह गौर ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। शव को बाहर निकलवाया।
भाई आशु ने बताया कि 16 वर्ष पहले वह सब नरैनी के कालिंजर मार्ग में बने मकान में रहते थे। पिता रमेश गुप्ता की 2006 में मृत्यु हो गई थी। एक साल बाद वर्ष 2007 में मां कुसुमलता घर छोड़कर चली गई थी। अपने साथ सबसे छोटे पुत्र बिहारी को भी साथ ले गईं थीं और खरौंच गांव में राजा करवरिया के साथ रहने लगी थीं। आंसू ने भाई की हत्या की आशंका जताई है। मृतक चार भाई एक बहन है। यह सबसे छोटा था।
उधर, सीओ नितिन कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया कुएं में कूदकर खुदकुशी का मामला है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। मृतक के मोबाइल फोन में मिली कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
20 लाख रुपये में बेचा था मकान, नहीं दिया था हिस्सा
नरैनी। कोतवाली क्षेत्र के खरौंच गांव निवासी मृतक बिहारी की मां कुसुमलता ने बताया कि बिहारी घर में दूध और खोए का काम करता था। ऑटो चलाकर गांव से दूध ले जाकर नरैनी बेचा करता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि नरैनी के कालिंजर मार्ग पर बने मकान को तीनों भाइयों अंशु, आशु, राकेश ने मिलकर पिता की मौत के बाद लगभग 20 लाख रुपये कीमत में बेच दिया था, जिसका हिस्सा अपने छोटे भाई बिहारी को नहीं दिया था। तीनों भाई वर्तमान समय में बांदा में रहते थे। मृतक बिहारी की बांदा निवासी मौसी रन्नो ने बताया कि मंगलवार की रात उसकी बिहारी से आखरी बार बातचीत हुई है। इसमें सब कुछ अच्छा बता रहा था। ऐसी कोई बात नहीं थी, जिससे वह आत्महत्या कर लें।