फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा है दैवी आपदा

Sun, 26 Jun 2016 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
पर्यावरण गोष्ठी मेें बोलते आस्था चैनल के असंख्यदास महाराज, - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बेंदाघाट। कुरसेजा धाम (महुई) में पर्यावरण और वृक्षारोपण गोष्ठी में मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि संसार में परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं हैं। आज जो सूखा, अकाल और अतिवृष्टि हो रही है वह प्रकृति संतुलन के साथ किए जा रहे छेड़छाड़ का नतीजा है। उन्होंने लोगों से कहा कि अपने खेतों और घरों में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएं। उसे पाल पोसकर बड़ा करें। खासकर पीपल, बरगद, नीम के पौधे रोपेने पर जोर दिया। प्रभारी वनाधिकारी प्रमोद गुप्ता ने कहा कि पेड़ पौधों का बहुत महत्व है। उन्होंने उदाहरण दिया कि उमस भरी गर्मी में लोग पेड़ों के नीचे बैठना पसंद करते हैं। लंबे कद वाले राकेश सिंह (पचनेही) के बारे में कहा कि पेड़ों के बीच में ज्यादा समय बिताने से ही उनकी लंबाई बढ़ी है। कुरसेजा धाम के महंत परमेश्वर दास ने मंडलायुक्त की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारी ऐेसे हो जाएं तो देश की तस्वीर बदल जाए। इस मौके पर उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी, बीडीओ रजनीश कुमार शुक्ला, एडीओ रामबरन सिंह, बेंदा के पूर्व प्रधान विवेक सिंह, मल्खे श्रीवास आदि उपस्थित रहे। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल, पूर्व डीडीसी दलपत सिंह भी बाद में कुरसेजा धाम पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें