बांदा। मृत्युंजय कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स, लखनऊ फर्म के निदेशक ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर जालसाजी कर हड़पे गए 1.63 करोड़ रुपये दिलाने की गुहार लगाई है। आरोप लगाया कि खप्टिहाकलां खदान के संचालक से मिलकर चार लोगों ने खदान में साझेदारी का अनुबंध किया था। करीब डेढ़ वर्ष हो गए, अनुबंध के हिसाब से न तीन करोड़ रुपये दिए और न ही लागत लौटाई। रकम वापस मांगने पर धमकी दी जा रही है।
लखनऊ के गोमती नगर निवासी मौरंग कारोबारी आशुतोष मिश्रा ने प्रार्थनापत्र में बताया कि पिछले वर्ष अप्रैल में खदान संचालक व उसके चार साथियों ने खदान में हिस्सेदारी का झांसा दिया। इनमें एक बांदा शहर के कटरा निवासी व्यक्ति भी शामिल है। शहर के एक होटल में साझेदारी को लेकर अनुबंध किया गया। 18 अप्रैल 2023 को एक करोड़ पांच लाख रुपये उक्त लोगों के झांसे में आकर दे दिए।
इसके एवज में 40 फीसदी (तीन करोड़) साझेदारी का करार हुआ। इन लोगों ने कुछ दिन बाद खदान में अन्य खर्च के बहाने करीब 85 लाख रुपये और ले लिए। आरोपियों ने यह भी कहा कि जो भी अतिरिक्त पैसा लगा है, बालू डंप के जरिए दोगुना वसूल हो जाएगा। बाद में डंप उसके नाम न कराकर दूसरे के नाम करा दिया।
कई बार रुपये मांगने पर दो बार में 27 लाख रुपये वापस किए। अब रुपये मांगने पर आरोपी उन्हें लगातार धमका रहे हैं, जबकि 1.90 करोड़ रुपये लगाने के बाद तीन करोड़ रुपये मुनाफा देने का करार किया था। पीड़ित ने मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम व एसपी से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर खदान में लगए गए रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई है।