बांदा। वायरल और उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के पैथालॉजी सेंटर में जांच के लिए लंबी लाइन लगी रही। यहां 315 मरीजों की 1208 जांचे हुईं। इनमें 14 के संभावित डेंगू मरीज भी शामिल रहे। हालांकि डेंगू की पुष्टि नहीं है, ओपीडी में सोमवार को 1353 मरीज इलाज कराने आए। इनमें करीब 500 मरीज वायरल फीवर के रहे। जांच में इनके प्लेटलेट्स कम मिली है।
जिले में इन दिनों संक्रामक बीमारी का प्रकोप है। प्रतिदिन वायरल और उल्टी-दस्त के मरीज आ रहे हैं। सोमवार को बुखार के चलते प्लेटलेट्स घटने के भी मरीज आए। पैथालॉजी में जांच के लिए मरीजों को लाइन लगानी पड़ी। यहां 315 मरीजों ने जांच कराई। इनमें 14 संभावित डेंगू के भी मरीज रहे। हालांकि जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में 1353 मरीजों ने पंजीयन कराया। इनमें 500 से ज्यादा मरीज वायरल, उल्टी दस्त और प्लेटलेट्स घटने के थे।
बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में महिलाओं और बच्चों की खासी भीड़ रही। इसी तरह फिजिशियन कक्ष में भी रोगियों की भीड़ लगी रही। पैथालॉजी में जांच कराने आए चहितारा निवासी दीपेंद्र तिवारी ने बताया कि प्लेटलेट्स घटने की आशंका पर जांच लिखी है। पिंडारन गांव की कलावती भी पैथालॉजी में जांच कराने पहुंचीं।
मौसम के बदलते मिजाज से बढ़ रही बीमारी
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता और फिजिशियन डॉ. ह्दयेश पटेल का कहना है कि ओपीडी में प्रतिदिन 150 मरीज देख रहे हैं। ज्यादातर मरीज वायरल के आ रहे हैं। मौसम के बदलते मिजाज से घर-घर बीमारी है। ऐसे मौसम में खास एहतियात बरतने की जरूरत है। दिन में मौसम गरम और रात में ठंडा होने की वजह से सर्दी, खांसी और जुकाम के साथ वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। लोग बाहर से आकर फ्रिज का ठंडा पानी न पीयें। हो सके तो छानकर उबालकर पीयें। बाहर के खानपान से भी परहेज करें।
वर्जन....
जिला अस्पताल के वार्ड और ट्रामा सेंटर फुल होने की दशा पर स्वाइन फ्लू वार्ड को खोल दिया गया है। भर्ती मरीज बढ़ने की दशा में उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया जा सकता है। सभी मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। -डाॅ. एसएन मिश्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल।