बांदा/जसपुरा। जमीन के विवाद में किसान की कटीले तार से गला कसकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसका शव बबूल के पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के पुत्र ने पिता-पुत्रों समेत चार लोगों के खिलाफ थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटनास्थल का एसपी, अपर एसपी व फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम ने मौका मुआयना किया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
जसपुरा थाना क्षेत्र के गड़रिया गांव के मजरा खैरी में किसान जीतू निषाद (50) का शव मंगलवार को गांव के बाहर तालाब के पास भगवानदीन के खेत की मेड़ पर लगे बबूल के पेड़ से कटीले तार और साफी से लटका पाया गया। घटना के संबंध में मृतक के पुत्र संदीप निषाद ने बताया कि वह सोमवार की रात पिता को घर में छोड़कर अपनी पत्नी सविता के साथ सिद्धबाबा हार वाले खेत में गेहूं कटाई के लिए गया था। मंगलवार को सुबह ग्रामीणों ने उसे फोन पर जानकारी दी कि उसके पिता का शव फंदे से लटका है।
पुत्र ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके पिता की कटीले तार से गला कसकर हत्या करने के बाद शव को पेड़ से लटकाया है। संदीप के मुताबिक पिता का कलुवा डेरा (हमीरपुर) के रामसजीवन निषाद, उसके पुत्रों जयबहादुर व सुनील निषाद और उनके सहयोगी खैरी गांव निवासी रामनरेश निषाद से जमीन का विवाद चल रहा है। रुपयों के लेनदेन में आरोपियों ने हत्या की है।
घटना की जानकारी मिलने पर एसपी अभिनंदन, अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ सदर अंबुजा त्रिवेदी, जसपुरा थाना प्रभारी राकेश कुमार सरोज ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। एसपी अभिनंदन ने बताया कि प्रथम दृष्टया संदिग्ध हालात में मौत है। पुत्र ने हत्या की बात कही है। घटना की जांंच की जा रही है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार सरोज ने बताया पुत्र की तहरीर पर पिता-पुत्रों समेत चार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
जसपुरा/बांदा। थाना क्षेत्र के गड़रिया गांव के मजरा खैरी में हुई किसान की हत्या के मामले में मृतक के पुत्र संदीप निषाद ने बताया कि पिता को हत्यारोपियों ने दो बार जान से मारने की धमकी दी थी। पिता के नाम पांच बीघा जमीन थी। मां सुनैना की 22 साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद वर्ष 2017-18 में गांव के जयराज पाल को डेढ़ बीघा जमीन बेची थी।
इसका दाखिल खारिज नहीं हो पाया था। इसके बाद वर्ष 2019 में रामसजीवन निषाद को 12 बिस्वा जमीन बेची थी। इसमें 72 हजार रुपये शेष रह गया था। रामसजीवन ने कहा था कि दाखिल खारिज होने के बाद शेष पैसा दिया जाएगा। जनवरी 2023 में जब दाखिल खारिज कराने के बाद पिता ने रामसजीवन से 16 फरवरी को पैसा मांगा तो उसने जान से मारने की धमकी दी थी।
कहा था कि तुम्हारा कोई पैसा नहीं है। इसके बाद नौ अप्रैल 2023 को रामसजीवन ने फिर धमकी दी थी। इसी के चलते उन्होंने उसके पिता की हत्या की है। बताया कि मृतक के दो पुत्री एक पुत्र है।