घायलों से पूछताछ करने जिला अस्पताल आए पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारी।
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नीम के पेड़ से दातून तोड़ने जैसे मामूली विवाद में दबंगों ने दलित को गोलियों से भून दिया। उनकी से दो अन्य युवक भी घायल हो गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे गांव में दहशत फैल गई। पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। पुलिस ने मारे गए ग्रामीण के पिता की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
घटना तिंदवारी थाना क्षेत्र के महुई गांव की है। रविवार सुबह लल्लू श्रीवास (40) के पिता द्वारिका दरवाजे पर नीम के पेड़ से दातून तोड़ रहे थे। पड़ोसी विश्राम सिंह पेड़ को अपना बताकर द्वारिका को गाली देने लगा। पास में भैंस दुह रहे लल्लू ने विरोध किया तो विश्राम सिंह घर से लाइसेंसी राइफल ले लाया और उस पर दो फायर झोंक दिए। एक गोली लल्लू के कमर के ऊपर लगकर पेट को पार कर गई। दूसरी उसकी जांघ में लगी। इस बीच विश्राम के पुत्र और भाई-भतीजों ने भी लाइसेंसी बंदूक और तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी।
लल्लू के घर खाद लेने आए गांव के रामजी सिंह (20) पुत्र बिंदेश बाबू को भी गोली लग गई। उधर, फायरिंग की खबर मिलने पर दूसरे मोहल्ले में रहने वाले लल्लू के परिजन घटनास्थल की ओर भागे। इसी दौरान पैर में गोली लगने से लल्लू का भतीजे मुन्ना (22) पुत्र ब्रजभूषण भी घायल हो गया। दबंगों ने फायरिंग कर पूरे गांव मेें दहशत फैला दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही हमलावर भाग निकले। परिजनों ने 108 एंबुलेंस से तीनों को पीएचसी तिंदवारी पहुंचाया। यहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने लल्लू को मृत घोषित कर दिया। रामजी और मुन्ना का इलाज चल रहा है। लल्लू के पिता द्वारिका की तहरीर पर विश्राम सिंह, मनमोहन सिंह व राम किशोर सिंह पुत्रगण दरियार सिंह और रामलखन व शिवलखन पुत्रगण विश्राम सिंह तथा धरमवीर सिंह पुत्र मनमोहन सिंह के खिलाफ धारा 302, 307, 147, 148, 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट व एससीएसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बांदा समेत संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।