गंछा गांव में युवक की आत्महत्या के बाद रोते-बिलखते परिजन।
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दुकान से रुपये चुराकर भाग आने का आरोप लगाकर गांव के दो युवकों द्वारा की गई पिटाई से क्षुब्ध युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या का केस दर्ज किया गया है। मृतक के परिजनों ने मारपीट की तहरीर दी तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गंछा गांव का देशराज (21) पुत्र मथुरा पाल पूना (महाराष्ट्र) ने अपने ही गांव के युवक की फर्नीचर की दुकान में काम करता था। होली पर वह गांव गंछा आया हुआ था। पड़ोसी गांव गोविंदपुर रिश्तेदारी में गया था। शनिवार को वहां से घर लौटा था। पिता मथुरा पाल ने बताया कि पूना में फर्नीचर की दुकान किए युवक के घर से दो लोग आए और देशराज को अपने साथ गोविंदपुर ले गए। वहां उसे यह कहकर मारापीटा कि वह पूना से 32 हजार रुपये चुराकर भाग आया है। इस बीच देशराज के घर वाले पहुंच गए। युवकों ने बमुश्किल उसे छोड़ा। साथ ही कहा कि पांच महीनें की मजदूरी 11 हजार रुपये काटने के बाद शेष 14 हजार रुपये वापस करे।
पिता ने बताया कि देशराज इस आरोप और मारपीट से काफी सदमे में था। उसने बताया था कि उस पर झूठा आरोप लगाया गया है। शनिवार की रात उसने घर के कमरे में छत के हुक में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। सुबह मां चुनूबादी ने फंदे पर शव लटका देखा। मृतक अविवाहित और पांच भाइयों में सबसे बड़ा था। कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। कोतवाली प्रभारी अखिलेश कुमार शुक्ला ने बताया कि परिजनों ने आत्महत्या की सूचना दी थी। जांच की जा रही है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली।