बांदा। चार माह से वेतन न मिलने पर परेशान बिजली कर्मचारी ने अधिशासी अभियंता की मौजूदगी मेें उनके ही कार्यालय में खुद को जिंदा जलाने की कोशिश की। वह खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने ही जा रहा था कि पास में मौजूद पुलिस कर्मियों ने दबोच लिया। उधर, अधिशासी अभियंता इस कर्मचारी पर गबन का आरोप लगा रहे हैं।
सोमवार की दोपहर अलीगंज स्थित अधिशासी अभियंता (विद्युत वितरण खंड) कार्यालय में पलरा सब स्टेशन में तैनात टेक्नीशियन अनिल कुमार वर्मा ने अपने ऊपर प्लास्टिक की बोतल में भरा मिट्टी का तेल उंडेल लिया। माचिस निकालकर आग लगाने की कोशिश कर ही रहा था कि शोरशराबा सुनकर पास में ही मौजूद गश्ती दल (ईगल वन) के कांस्टेबल सुशील कुमार और घनश्याम शुक्ल ने उसे दबोच लिया।
दोनों पुलिसकर्मी उसे बाइक पर बैठाकर कोतवाली ले आए। खबर पाकर सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव कोतवाली आ गए। अनिल ने अधिकारियों को बताया कि करीब चार महीने से उसे वेतन नहीं दिया जा रहा। घर में भुखमरी की नौबत आ गई है।
अधिशासी अभियंता उस पर गबन का आरोप लगाकर धमकाते हैं। उसका कहना है कि 20 माह पहले जितना भी उपभोक्ताओं के बिजली बिल का पैसा जमा हुआ था, उसने पैसा और रसीदें कार्यालय के लिपिक दी थी। प्राप्त करने वाले लिपिक ने उसे लिखित प्राप्ति नहीं दी।
उसने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। बाद में लिपिक ने रसीदें खोने की बात कही। अब अधिकारी उसे बचाकर मुझे आरोपी बता रहे हैं। इसी से क्षुब्ध होकर आत्मदाह की कोशिश की।
उधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने अनिल से पूछताछ के बाद बताया कि उन्हें पता चला है कि जमा किए गए बिलों की रसीदों का हिसाब नहीं मिल रहा है, इसलिए लिपिक का वेतन रोका गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।
दोनों पक्षों की होगी रिपोर्ट
बांदा। आत्मदाह की कोशिश करने वाले बिजलीकर्मी अनिल कुमार (टीजी-2, पलरा सब स्टेशन) के विरुद्ध सरकारी पैसे का गबन करने की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए विद्युत वितरण खंड अधिशासी अभियंता समरनाथ मेें शहर कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें कई उपभोक्ताओं से बिजली के बिल का पैसा जमा करके रसीद दे देने, लेकिन यह पैसा विभाग में जमा न करने के आरोप लगाए गए हैं।
कई उदाहरण भी दिए हैं। कहा कि आत्मदाह का षड्यंत्र करने में रिपोर्ट दर्ज की जाए। उधर, कोतवाली प्रभारी का कहना है कि बिजली कर्मी की ओर से भी तहरीर दी गई है। दोनों की ओर से रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। अनिल कुमार ने अपने पत्र में एक्सईएन समरनाथ सहित श्री दोहरे, एकाउंटेंट और रवि बाबू व राजाराम को दोषी बताया है। कहा है कि मेरी मौत के यही लोग जिम्मेदार होंगे।