पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव में सोमवार रात करीब नौ बजे सुधा (22) पत्नी काली चरन ने ससुराल में कमरा बंद कर अपने ऊपर मिट्टी का तेल बंद कर खुद को आग लगा ली। परिजनों का कहना है कि वह घर के बाहर बैठे थे। शोर सुना तो भागकर अंदर आए और आग बुझाई। बचाने में सास चुनूबादी मामूली रूप से झुलस गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां देर रात उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस में पति ने बताया कि वह सूरत में मजदूरी करता है। मंगलवार की रात उसको वापस सूरत जाना था। बताया कि सुधा पिछले 15 दिन से मानसिक रोग से परेशान थी। इलाज के लिए सोमवार सुबह उसे निवाइच गांव स्थित एक मंदिर लेकर गए थे। यह भी बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले दिन में सुधा ने दरवाजे पर फेरी करने वाले से रक्षाबंधन का सामान खरीदा था। उसके कोई संतान नहीं थी।
उधर, मृतका के भाई झल्लू (लोधौरा, अतर्रा) ने इस आरोप को गलत बताया कि सुधा मानसिक रूप से परेशान थी। मंगलवार को सुधा को मायके आना था। भाई ने कहा कि अचानक आग लगा जान देने में जरूर कोई बात है। पैलानी थानाध्यक्ष राजीव यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर वह खुद गांव पहुंचे थे और सुधा के बयान लिए थे। उसने खुदकुशी करने की बात कही थी। फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है।