बांदा। शहर से आठ किलोमीटर दूर बांदा-कानपुर राजमार्ग
पर मवई गांव के पास स्थित हनुमान मंदिर शनिवार तड़के ट्रक की टक्कर से ढह
गया। इसके मलबे में दबकर पुजारी और श्रद्धालु की मौत हो गई।
ट्रक में फंसे चालक और क्लीनर को निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। ट्रक फैजाबाद से गिट्टी लेने कबरई (महोबा) जा रहा था।
ग्रामीणों
ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मवई गांव के पयस्वनी उर्फ मुन्ना शुक्ला
(45) यहां रहकर पूजा-पाठ कराते थे। बिसंडा थाना क्षेत्र के घूरी गांव
निवासी इंद्रजीत सिंह (45) शनिवार तड़के पांच बजे पूजा करने मंदिर गए थे।
लगभग
छह बजे कानपुर की ओर से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक मंदिर से जा टकराया। टक्कर
इतनी जबरदस्त थी कि मंदिर ध्वस्त होकर जमींदोज हो गया।
पुजारी पयस्वनी और श्रद्धालु इंद्रजीत मलबे में दब गए। ट्रक के अगले हिस्से के परखचे उड़ने से चालक और क्लीनर अंदर फंस गए।
खबर
मिलते ही लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित देहात कोतवाली से पुलिस मौके पर
पहुंची और जेसीबी से मलबा हटाकर पुजारी पयस्वनी और इंद्रजीत सिंह के शव
बाहर निकाले।
ट्रक की खिड़की काटकर चालक सत्येंद्र (32) निवासी
बीकापुर (फैजाबाद) और खलासी कुलदीप (25) निवासी जमौली (सुल्तानपुर) को बाहर
निकाला गया। जिला अस्पताल में इनकी हालत गंभीर है।
पोस्टमार्टम के
बाद पुजारी और श्रद्धालु के शव इनके परिजनों को सौंप दिए गए। कोतवाली
प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने पर चालक के विरुद्ध
रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।