सूने घर में युवक नेे तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके से 315 बोर का कट्टा व उसमें फंसा कारतूस बरामद किया है। फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों ने घटनास्थल के सुबूत जुटाए। परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता सके।
शहर के लोधियाना (खाईंपार) निवासी संजय (20) पुत्र धनीराम राजपूत का शव शुक्रवार सुबह मकान के कमरे में रक्तरंजित हालत में बरामद हुआ। पड़ोसियों ने कमरे से खून बहते देखकर पिता और पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर पुलिस कमरे में दाखिल हुई तो खून से लथपथ शव बिस्तर पर पड़ा मिला।
नजदीक ही 315 बोर का तमंचा पड़ा था। उसमें कारतूस का खोखा फंसा था। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कमरे से पुलिस को कोई सुसाइट नोट भी नहीं मिला। क्षेत्राधिकारी डा.राकेश मिश्रा और कोतवाली प्रभारी केपी सिंह ने परिजनों से पूछताछ करते हुए बयान कलमबंद किए।
पुलिस की फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने भी घटनास्थल की जांच पड़ताल करते हुए साक्ष्य इकट्ठा किए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि तमंचा सटाकर उसने दाईं ओर खुद को गोली मारी है। पिता ने भी आत्महत्या की तहरीर दी है। पिता ने बताया कि गुरुवार की रात संजय दूसरे मकान में सोने गया था।
वह इंदिरा नगर स्थित सिद्दीक कांप्लेक्स में सौंदर्य प्रसाधन की दुकान खोले था। आत्महत्या क्यों की ? उन्हें कुछ नहीं मालूम। बताया कि मृतक चार भाइयों में मंझला था। मृतक संजय काफी मिलनसार और मेहनती था। उसकी मौत की खबर मिलने पर पोस्टमार्टम हाउस में उसके तमाम दोस्त गमगीन दिखे।
पिता धनीराम ने बताया कि सौंदर्य प्रसाधन की दुकान में 9 साल तक नौकरी कर संजय ने कारोबार की बारीकियां सीखीं। लगभग डेढ़ साल पूर्व उसने अपनी कमाई के बलबूते ं इंदिरा नगर में खुद की कास्मेटिक की दुकान खोल ली। दुकान से उसकी अच्छी आमदनी होती थी। घर-गृहस्थी चलाने में भी वह सहयोग करता था।