कोतवाली में डटे हरदौली व कंचन पुरवा मोहल्ले के लोग।
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बांदा। केन नदी किनारे आबाद केवटरा और कंचन पुरवा में घटनाओं को अंजाम दे रहे असलहों से लैस गिरोह पर पुलिस शिकंजा नहीं कस सकी, अलबत्ता बहादुरी का परिचय देकर मोहल्ले के लोगों ने दो बदमाश पकड़ लिए और पुलिस के हवाले कर दिया। रिपोर्ट दर्ज होने तक सभी कोतवाली में डटे रहे।पांच सदस्यीय गिरोह की धमाचौकड़ी से केन नदी किनारे बसे कर्बला, केवटरा, हरदौली व कंचन पुरवा मोहल्ले के लोग परेशान थे। रोजाना चोरी, छिनैती और छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही थीं। पीड़ित मोहल्लावासियों ने कई बार पुलिस से बदमाशों से निजात दिलाने की गुहार लगाई थी। लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायतों पर सख्ती नहीं दिखाई और बदमाशों के हौसले बुलंद रहे। रविवार को तड़के एक बदमाश के मुक्तिधाम मार्ग, हरदौली में आने की जानकारी पर परेशान मोहल्ले के लोगों ने खुद घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पकड़े गए बदमाश की टोह लेने आए गिरोह के दूसरे सदस्य को भी लोगों ने पहचान लिया और उसे भी दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों बदमाशों को बलखंडी नाका चौकी पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए बदमाशों में मटौंध थाना क्षेत्र के हीरापुर (दुरेड़ी) निवासी वीरेंद्र शुक्ला पुत्र संतोष शुक्ला और शहर कोतवाली के कंचन पुरवा मोहल्ला निवासी रमुवा यादव पुत्र उमाशंकर यादव शामिल हैं। हीरा प्रसाद, संजय, कल्लू, शिव कुमार, सियारानी, रानाबाई, ममता, मूर्ति, मेड़िया, सोमती, सहदेव, रामकेस, राजबहादुर, उर्मिला, सुरेंद्र, कामता, रानू, सोनू, बउवा आदि मोहल्लावासियों ने संयुक्त हस्ताक्षरों से कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि तमंचों से लैस बदमाशों के आतंक से लोग परेशान थे। रात को महिलाओं का निकलना दुश्वार था। 24 अगस्त को सियारानी के गले से मंगलसूत्र छीन ले गए। इसी तिथि में रात को बउवा पुत्र भोला के घर में चोरी की नियत से घुसे। ललकारने पर फायर करते हुए भाग गए। 27 अगस्त को लाला उर्फ कमलेश पुत्र छक्का को बंदूक की बट से पीटकर घायल कर दिया। पुलिस पर भरोसा न जताकर मोहल्ले की भीड़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने को डटी रही। प्रभारी निरीक्षक केपी सिंह के आश्वासन और रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वापस घर आए।