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रिपोर्ट पर भड़के सरकारी डॉक्टर

Mon, 27 Jun 2016 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म
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बांदा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसपुरा के चिकित्सक अशोक कुमार राजपूत को एक मरीज की मौत के मामले में पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने के बाद गिरफ्तार करने पर प्रावेंशियल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (पीएमएसए) ने कड़ा विरोध जताते हुए एफआईआर निरस्त करने और थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग की है।सोमवार को जिला अस्पताल में संघ की आपात बैठक में बताया गया कि 24 जून को कुछ लोग मृतअवस्था में एक व्यक्ति को लेकर आए थे। रजिस्टर में दर्ज कर सूचना थाने भेज दी गई। कुछ ही देर बाद मृतक के परिजन भीड़ के साथ आए और डाक्टर के साथ अभद्रता और मारपीट पर आमादा हो गए। इसी बीच एसडीएम और पैलानी थानाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार राजपूत को अपनी जीप मेें बैठाकर थाने ले आए। परिजनों के दबाव मेें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए डॉक्टर के विरुद्ध धारा 304 ए की रिपोर्ट दर्ज कर ली। रात साढ़े 11 बजे निजी मुचलके पर रिहा किया। संघ के सचिव डॉ. एसके वाजपेई ने बताया कि बैठक में मांग की गई है कि डॉ. राजपूत के विरुद्ध दर्ज झूठी एफआईआर निरस्त करके पैलानी थानाध्यक्ष केबी सिंह को निलंबित किया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे पर पूरे जिले के सरकारी डाक्टर एक हफ्ते तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। मांग पूरी न होने पर आगे आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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