चक्का जाम के बाद रोडवेज पहुंच सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस उपाधीक्षक को आपबीती चालक।
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बांदा। बस में बैठी सवारी उतारने से मना करना रोडवेज चालक और परिचालक को महंगा पड़ गया। दबंग और उसके गुर्गों ने उन्हें पीट कर नकदी लूट ली। चालक के डांट टूट गए। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इससे भड़के कर्मियों ने रोडवेज बस अड्डे मेें राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन बाद बसों का संचालन शुरू हुआ। चालक ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।
गुरुवार को दोपहर रोडवेज बस चालक-परिचालक समेत कर्मचारियों ने डिपो के सामने बसें खड़ी कर जाम लगा दिया। डिपो का मुख्य द्वार बंद कर शासन-प्रशासन व पुलिस विरोधी नारे लगाए। राष्ट्रीय राजमार्ग में दूर तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
हंगामा देख परिवहन निगम क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष चटर्जी आए और समझाने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए कर्मचारी नहीं माने और मांग की कि दबंग प्राइवेट बस संचालक को सबक सिखाने के लिए बबेरू रोड पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए। कुछ ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव और सीओ नगर प्रभात कुमार आ गए।
दबंग की पिटाई में घायल चालक अशोक सिंह कछवाह व परिचालक इंद्रबहादुर कछवाह ने अफसरों से दबंग की शिकायत की। चालक ने बताया कि बुधवार की शाम बबेरू चौराहे पर प्राइवेट बस संचालक उदय यादव के गुर्गे आए और बस से सवारी उतारने लगे।
टोकने पर उदय और उसके गुर्गों ने मारपीट शुरू कर दी। परिचालक का बैग छीन लिया। इसमें लगभग 4577 रुपये थे। चालक ने अधिकारियों को यह भी बताया कि दबंग सत्ता पक्ष के एक विधायक का रिश्तेदार है। बताया कि इस घटना के बाद वे लोग बबेरू कोतवाली गए, लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। उधर, डिपो निरीक्षक ने बताया कि मौजूदा में बबेरू रोड पर 10 बसें चलती हैं। अक्सर दबंग मारपीट करता है। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ ने कार्रवाई का भरोसा देकर दोनों घायलों को डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा। लगभग दो घंटे बाद जाम खत्म हो सका।