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टीचर्स सोसायटी में घपलों पर घमासान

Sat, 28 May 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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सील की गई बांदा टीचर्स कोआपरेटिव सोसायटी। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। डिस्ट्रिक्ट बोर्ड टीचर्स कोआपरेटिव सोसायटी में भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोपों-प्रत्यारोपों के साथ चल रही घमासान कई साल पुरानी है। दावेदारी को लेकर विवाद और घोटालों की शिकायतों पर बृहस्पतिवार को प्रशासन ने सोसायटी के कार्यालय को सील कर दिया था। जांच की जा रही है।
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बंगालीपुरा स्थित टीचर्स कोआपरेटिव सोसायटी कार्यालय को लेकर वर्ष 2012 से विवाद चल रहा है। सोसायटी के सचिव चक्रपाणि अवस्थी ने पिछले माह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता और सदस्य सचिव डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक को दिए शिकायती पत्र में कहा था कि वर्ष 2015 मेें अध्यक्ष की मंजूरी के बिना तीन लाख 49 हजार रुपये खर्च कर लिए गए।

इसमें वित्तीय अनियमितता की गई थी। बैंक के लगभग 33 करोड़ रुपये को असुरक्षित बताते हुए सचिव ने तमाम गंभीर आरोप लगाए थे। सचिव की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी आरके सिंह और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सुरेश कुमार ने 17 मई 2016 को डीएम को भेजी रिपोर्ट में कहा था कि सोसायटी के मुख्य दरवाजे, सचिव कार्यालय और आवास पर प्रबंध समिति ने 15 मई 2016 को ताले डलवा दिए। इससे समिति का काम अवरुद्ध हो गया है।
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लेखा परीक्षा का कार्य भी ठप हो गया है। अभिलेखों की सुरक्षा पर अंदेशा प्रकट किया गया। सहायक आयुक्त ने यह भी लिखा था कि समिति में इस समय आडिट चल रहा है। इसे बाधित करने के लिए संचालक मंडल यह कार्रवाई कर रहा है। इसलिए समिति के अभिलेखों को अधिग्रहीत किया जाना जरूरी है।

सीडीओ और सहायक आयुक्त की संयुक्त रिपोर्ट पर डीएम ने अपने आदेश में कहा कि समिति को सील्ड तालों को तुड़वाकर/खुलवाकर इन्वेंट्री तैयार कराई जाए और समिति सचिव चक्रपाणि अवस्थी को चार्ज दिलाया जाए।

डीएम ने इस काम के लिए एसडीएम सदर को अधिग्रहीत किया। डीएम के आदेश के बाद बृहस्पतिवार (26 मई) को अपर जिला सहकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार शंखवार ने सोसायटी कार्यालय को उत्तर प्रदेश सहकारिता संचालन अधिनियम-1965 की धारा 37 के तहत सील कर दिया। कार्यालय के पांचों दरवाजों पर लगे ताले सील कर दिए गए। कार्रवाई के दौरान सोसायटी के चौकीदार रामजी, गवाहों में विजय कुमार सिंह, ब्रजभूषण शुक्ला, शिव कुमार, भोली प्रसाद, लक्ष्मी नारायण, विपिन कुमार छायाकार, सचिव चक्रपाणि अवस्थी तथा एडीसीओ श्यामलाल मौजूद थे।


बांदा। टीचर्स कोआपरेटिव के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक का 40 करोड़ रुपया कर्ज में फंसा है। यह कर्ज परिषदीय स्कूलों के अध्यापकों ने ले रखा है। अभिलेखों में हेराफेरी या गायब हो जाने से बैंक की यह भारी भरकम रकम डूब सकती है। ऐसा हुआ तो सहकारी बैंक की 1/6 पूंजी डूब जाएगी।

सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सुरेश कुमार ने बताया कि टीचर्स सोसायटी में दावेदारी का विवाद वर्ष 2012 से चला आ रहा है। संचालक मंडल पर आम सभा की बैठक न बुलाने और आडिट न होने देने सहित कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं।

बताया कि इसी मामले में सोसायटी के सचिव रामप्रताप को जुलाई 2015 में निलंबित भी किया जा चुका है। मौजूदा में फिर प्रबंध समिति ने कार्यालय और सचिव के आवासों में ताले डाल दिए। इससे यह विवाद और तूल पकड़ गया। अंतत: डीएम के आदेश पर सोसायटी कार्यालय को सील किया गया।
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