पुलिस को घटना की जानकारी देता पीडब्ल्यूडी ठेकेदार।
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बांदा। सरकारी टेंडर हथियाने के लिए अब यहां भी दबंगई और गोलीबारी का सहारा लिया जाने लगा है। ताजी घटना में बुधवार को दिनदहाड़े कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक आफिस से चंद कदम दूर पीडब्ल्यूडी कार्यालय गोलीबारी से गूंज उठा। विभागीय कर्मचारियों और नेशनल हाइवे से गुजर रहे राहगीरों में दहशत और भगदड़ मच गई। किसी के घायल होने की। खबर नहीं है। जिस ठेकेदार पर गोली चलाई गई पुलिस ने उससे घटनास्थल और कोतवाली में देर तक पूछताछ व जानकारी ली। तीन के विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
बुधवार को दोपहर जजी परिसर से सटे लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) परिसर में एक कार में सवार तीन लोग आए और वहां मौजूद शहर के बन्योटा मोहल्ला निवासी ठेकेदार सचिन दीक्षित से भिड़ गए। उसका कालर पकड़कर कुछ दूर खींच लाए। विरोध करने पर रिवाल्वर निकालकर दो फायर किए। लेकिन गोली किसी को नहीं लगी। आसपास दहशत फैल गई। सचिन के साथी ने फोन पर घटना की सूचना पुलिस को दी। तीनों दबंग रिवाल्वर लहराते हुए कार में भाग निकले। कुछ ही देर बाद सिविल लाइन चौकी प्रभारी और कोतवाली पुलिस आ गई। सचिन से पूरी घटना की जानकारी ली। उसके बयान भी दर्ज किए।
घटना की पृष्ठ भूमि में ठेकेदार सचिन का कहना है कि एक माह पूर्व उसने तिंदवारी क्षेत्र में एक काम के लिए टेंडर डाला था। उसके साथ सिंधनकलां निवासी निदीश मिश्रा ने भी टेंडर डाला था। टेंडर खुलने पर लगभग 15 लाख रुपये का काम उसे मिल गया था। इसी खुन्नस में निदीश ने उसके साथ यह घटना की। क्षेत्राधिकारी नगर प्रभात कुमार, कोतवाली प्रभारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस पीडब्ल्यूडी परिसर पहुंच और जांच पड़ताल की।
उधर, अधिशासी अभियंता ने बताया कि घटना के समय वह कार्यालय में नहीं थे। दोनों ठेकेदारों का उनके यहां रजिस्ट्रेशन है। दोनों के बीच वर्चस्व का विवाद है। उधर, कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ठेकेदार निदीश मिश्रा और दो अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इनकी तलाश की जा रही है।