फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिश्वत में रंगे हाथ धरा गया स्टेनो

Thu, 05 May 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
रिश्वत में धरे गए स्टेनो को कोतवाली के लाकअप में दाखिल करती एंटी करप्शन टीम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बांदा। विभागीय कर्मचारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले चित्रकूटधाम मंडल परिवहन विभाग निगम क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के स्टेनो को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। शहर कोतवाली में उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गुरुवार को उसे लखनऊ स्थित एंटी करप्शन अदालत में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन


बुधवार को दोपहर झांसी से आई एंटी करप्शन टीम ने रोडवेज परिसर में छापा मारकर क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के बाहर खड़े स्टेनो रविशंकर शर्मा को दबोच लिया। तलाशी में 14 हजार रुपये बरामद हुए। टीम ने स्टेनो के हाथ धुलवाए तो नोट में लगे पाउडर से गुलाबी हो गए। स्टेनो को गिरफ्तार कर टीम शहर कोतवाली पहुंची और यहां स्टेनो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

टीम प्रभारी इंस्पेक्टर शरद प्रताप सिंह ने बताया कि हमीरपुर रोडवेज डिपो में बुकिंग क्लर्क तारिक हुसैन और राठ में तैनात कंडक्टर सौरभ साहू ने स्टेनो के विरुद्ध अवैध वसूली की शिकायत की थी। तारिक ने बताया कि पांच माह पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक ने उसे काम में लापरवाही बरतने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर सेवा खत्म करने की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन


साथ ही जांच के आदेश दिए थे। जांच हुई तो क्लीन चिट मिल गई, लेकिन क्षेत्रीय प्रबंधक ने जांच रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए दोबारा जांच के आदेश दे दिए। इस पर स्टेनो ने उससे 30 हजार रुपये बहाली के लिए मांगे। बाद में 22 हजार रुपये में मामला तय हो गया।

तारिक हुसैन के मुताबिक उसने 30 अप्रैल को स्टेनो रविशंकर को 12 हजार रुपये देकर शेष पैसा एक-दो दिन में देने की मोहलत मांगी और झांसी एंटी करप्शन कार्यालय में स्टेनो के खिलाफ लिखित शिकायत कर दी। बुधवार को उसने स्टेनो को 10 हजार रुपये और दे दिए। इसी बीच एंटी करप्शन टीम ने स्टेनो को दबोच लिया।

स्टेनो के विरुद्ध रिश्वतखोरी की शिकायत राठ के संविदा कंडक्टर सौरभ साहू ने भी की थी। आरोप था कि तीन यात्री बिना टिकट पाए जाने पर उसकी संविदा समाप्त कर दी गई। मामले को रफादफा करने के लिए स्टेनो ने पांच हजार रुपये मांगे। सौरभ ने एक हजार रुपये पहले ही दे दिए। बुधवार को चार हजार रुपये लाकर दिए। इसी बीच स्टेनो एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया।

इंस्पेक्टर ने बताया कि स्टेनो को गुरुवार को लखनऊ स्थित एंटी करप्शन अदालत में पेश किया जाएगा। टीम में इंस्पेक्टर के अलावा एसएसआई घनश्याम सचान, एसआई मोहम्मद इसरार, हेड कांस्टेबल रमेशचंद्र तिवारी, कांस्टेबल दीपक कुमार, राजबहादुर और जफरुद्दीन शामिल रहे।

उधर, टीम ने स्टेनो को पकड़ने से पहले डीएम योगेश कुमार से मिलकर जानकारी दी और गवाह के रूप में दो सरकारी कर्मचारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। डीएम ने कलेक्ट्रेट के लिपिक अशरफ अली और ओमप्रकाश को टीम के साथ भेज दिया। यही दोनों चश्मदीद गवाह बने।

शोर मचाकर टीम को बताया लुटेरा
बांदा। एंटी करप्शन टीम ने स्टेनो को दबोचा तो उसने टीम को लुटेरा बता शोर मचा दिया। रोडवेज बस अड्डे के बाहर नेशनल हाइवे पर भीड़ लग गई। कुछ देर के लिए रोडवेज के अन्य कर्मी और आसपास के लोग एंटी करप्शन टीम को लुटेरा ही समझ बैठे, लेकिन कुछ ही देर में असली माजरा समझ में आ गया।

टीम ने तलाशी लेनी चाही तो भी स्टेनो ने जमकर नाटक किया। पलथी मारकर जमीन पर बैठ गया। टीम को जेब में हाथ डालने से रोका। टीम ने उसे काबू में कर जेब से रुपये निकलवाए और पानी से हाथ धुलाए। धोते ही हाथ गुलाबी हो गए। इसी के बाद स्टेनो का ड्रामा खत्म हुआ। कोतवाली के लाकअप में दाखिल करते समय भी स्टेनो की तलाशी ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें