युवक के फांसी लगा लेने पर घर में रोते-बिलखते परिजन।
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बांदा। बेरोजगारी से परेशान रिटायर्ड चिकित्साधिकारी के पुत्र ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शहर के कालू कुआं मोहल्ला निवासी डा.शंकर सिंह परिहार एक साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद पत्नी और दो पुत्रों के साथ रहते हैं। गुरुवार की रात उनके पुत्र जितेंद्र सिंह (35) ने मकान की दूसरी मंजिल में बरामदे में रस्सी से फांसी लगा ली।
पिता ने उसे फांसी पर लटका देख शोर मचाया और पड़ोसियों की मदद से फंदे से उतार कर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता के मुताबिक जितेंद्र अपनी पत्नी आभा और पांच साल की पुत्री के साथ ऊपर की मंजिल में रहता था। एक अन्य पुत्र प्रशांत जबलपुर (मध्य प्रदेश) में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है।
परिजनों के मुताबिक जितेंद्र दो साल से बेरोजगार था। इसके पहले वह प्राइवेट कंपनी में काम करता था। बताते हैं कि घटना वाली रात वह पिता से चार पहिया वाहन खरीदने के लिए पैसा मांग रहा था। वह इसे भाड़े पर चलाना चाहता था। उसकी गर्भवती पत्नी मायके सर्वोदय नगर में थी। चिकित्साधिकारी मूल रूप से भंभई (हमीरपुर) गांव के रहने वाले हैं। लगभग दो दशक से कालू कुआं मोहल्ले में मकान बनाकर रहते हैं।