आठ बीघा जमीन के लिए बेटे ने अपने दो पुत्रों की मदद से 70 वर्षीय पिता को लाठियों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। बीच-बचाव में आए पेशे से अधिवक्ता छोटे भाई को भी लहूलुहान कर दिया। आरोपी पुत्र फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी, उसकी पत्नी, दोनों पुत्रों और एक अन्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फिलहाल कोई गिरफ्तार नहीं है।
घटना मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर कोतवाली नगर क्षेत्र के बक्छा गांव की है। गुरुवार की सुबह धनपत यादव (70) भैंस की दोहनी कर रहे थे। इसी बीच सबसे बड़ा पुत्र देवराज अपने पुत्रों देवांश और हृदयांश के साथ आया और पिता को धमकाते हुए कहा कि वे अपनी आठ बीघा जमीन उसके नाम कर दें।
पिता धनपत तैयार नहीं हुए। इस पर पुत्र और उसके दोनों बेटों ने धनपत पर लाठियों से हमला कर दिया। वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। इसी बीच पिता को बचाने आए छोटे पुत्र राममूरत (32) को भी भाई और भतीजों ने घायल कर दिया और हमलावर भाग निकले। दोनों को परिजन जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने धनपत को मृत घोषित कर दिया। घायल राममूरत का जिला अस्पताल में इलाज किया गया।
घायल राममूरत ने बताया कि वे चार भाई थे। 15 साल पूर्व दूसरे नंबर के भाई रामराज ने फांसी लगा ली थी। उसकी 16 वर्षीय पुत्री रागिनी दादा धनपत के साथ रह रही थी। धनपत के पास 32 बीघा जमीन थी। उसने चारों पुत्रों को 8-8 बीघा बांट दी थी। मृतक पुत्र रामराज के हिस्से की जमीन वे उसकी पुत्री रागिनी को देने की तैयारी में थे।
देवराज इसका विरोध कर रहा था। इसी को लेकर उसने पिता की हत्या कर दी। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी पुत्र देवराज और उसके दोनों पुत्रों देवांश व हृदयांश तथा पत्नी विद्या सहित एक अन्य व्यक्ति भगवानदीन के विरुद्ध धारा 302, 307, 147, 504 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त लाठी बरामद कर ली गई है। अपर एसपी एलबीके पाल व सीओ राजीव प्रताप ंसिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस सक्रियता दिखाती तो बच सकती थी जान
बांदा। जमीन के विवाद में पुलिस सक्रियता और गंभीरता दिखाती तो शायद धनपत को बेटे के हाथ जान न गंवानी पड़ती। यह मामला कई बार पुलिस तक पहुंचा था। पिछले माह भी देवराज ने घर में घुसकर भतीजी रागिनी और उसकी मां सुमन के साथ मारपीट की थी। कोतवाली पुलिस ने मां-बेटी का जिला अस्पताल में मेडिकल कराकर आरोपी का मामूली धारा शांतिभंग में चालान कर दिया था।
बकौल रागिनी चार दिन पूर्व भी उसे बड़े पापा (देवराज) ने पीटा था। वह अक्सर मारपीट करता था। पुलिस में शिकायत की, लेकिन कभी ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से घर में खूनी संघर्ष हुआ। यह भी कहा कि घटना के समय मौजूद होती तो उसकी भी हत्या कर दी जाती।